महंगाई और तेल संकट मोदी सरकार की नीतियों का नतीजा : विनय कुमार
शिमला, 12 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि देश में बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और तेल-गैस से जुड़ा संकट मोदी सरकार की नीतियों और फैसलों का परिणाम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस अपील पर भी सवाल उठाए, जिसमें लोगों से सोना कम खरीदने, गाड़ियों और तेल का सीमित इस्तेमाल करने, विदेश यात्रा से बचने, खाद्य तेल की खपत घटाने और वर्क फ्रॉम होम अपनाने की बात कही गई है।
विनय कुमार ने मंगलवार को कहा कि एक तरफ केंद्र सरकार लगातार यह दावा कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल, गैस और अन्य जरूरी वस्तुओं की कोई कमी नहीं है, जबकि दूसरी ओर प्रधानमंत्री लोगों से बचत और कम इस्तेमाल की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार के बयान और प्रधानमंत्री की अपील एक-दूसरे के विपरीत नजर आते हैं, जिससे आम लोगों में चिंता बढ़ रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पांच राज्यों के चुनावों के दौरान केंद्र सरकार देश की आर्थिक स्थिति को पूरी तरह सामान्य बताती रही, लेकिन चुनाव खत्म होते ही अब पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का हवाला देकर संकट की बात की जा रही है। विनय कुमार ने कहा कि सरकार को साफ तौर पर देश की वास्तविक स्थिति लोगों के सामने रखनी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि देश में लगातार बढ़ रही महंगाई से आम आदमी पहले ही परेशान है। रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने लोगों का घरेलू बजट बिगाड़ दिया है। उन्होंने कहा कि खाद्य तेलों की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं और अगर आने वाले समय में तेल और गैस की सप्लाई पर असर पड़ता है तो इसका सबसे ज्यादा बोझ आम जनता पर पड़ेगा।
विनय कुमार ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अंतरराष्ट्रीय दबाव में कई ऐसे फैसले लिए, जिनका असर अब देश की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को संकट की आशंका जताने के बजाय उसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपनी नीतियों और फैसलों की जिम्मेदारी लेते हुए देश से माफी मांगनी चाहिए और जनता को राहत देने के लिए स्पष्ट योजना सामने रखनी चाहिए, ताकि लोगों में असमंजस और डर का माहौल खत्म हो सके।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

