कैबिनेट मंत्री के बेटे व पूर्व सीपीएस नीरज भारती पर कांग्रेस सख्त, अनुशासन समिति की बैठक बुलाई

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कैबिनेट मंत्री के बेटे व पूर्व सीपीएस नीरज भारती पर कांग्रेस सख्त, अनुशासन समिति की बैठक बुलाई


शिमला, 08 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश कांग्रेस में नीरज भारती के बयानों को लेकर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किए जाने के बाद भी कैबिनेट मंत्री चंद्र कुमार के बेटे व पूर्व मुख्य संसदीय सचिव नीरज भारती लगातार सरकार और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु की कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं। इसी बीच कांग्रेस संगठन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुशासन समिति की बैठक बुला ली है। पार्टी का कहना है कि संगठन और सरकार से जुड़े मुद्दों को सार्वजनिक मंचों के बजाय पार्टी के भीतर उठाया जाना चाहिए।

कांग्रेस के संगठन महासचिव विनोद जिंटा ने सोमवार को शिमला में कहा कि नीरज भारती द्वारा सरकार और संगठन के खिलाफ लगाए गए आरोप तथ्यहीन और निराधार हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है और हर नेता तथा कार्यकर्ता को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए संगठन के भीतर तय मंच मौजूद हैं। यदि किसी को कोई शिकायत या आपत्ति है तो वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष या पार्टी प्रभारी के समक्ष अपनी बात रख सकता है।

विनोद जिंटा ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया के माध्यम से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाने की अनुमति नहीं दी जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। पूरे घटनाक्रम पर चर्चा के लिए कांग्रेस की अनुशासन समिति की बैठक बुलाई गई है, जिसमें मामले के सभी पहलुओं पर विस्तार से विचार किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में यदि कोई नेता या कार्यकर्ता इस तरह की अनुशासनहीनता करता है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि नीरज भारती हिमाचल प्रदेश की राजनीति का जाना-पहचाना चेहरा रहे हैं। वह सूक्खु सरकार में कैबिनेट मंत्री चंद्र कुमार के बेटे हैं और दो बार कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं। कांग्रेस की पूर्व वीरभद्र सिंह सरकार में वह मुख्य संसदीय सचिव (सीपीएस) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। प्रदेश कांग्रेस संगठन में उन्हें उपाध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन हाल ही में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए उन्होंने उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया था।

इसके बाद नीरज भारती लगातार संगठन और सरकार की कार्यप्रणाली को लेकर सार्वजनिक रूप से बयान देते रहे। कांग्रेस नेतृत्व ने उनकी बयानबाजी को अनुशासनहीनता माना और जिला कांग्रेस अध्यक्ष कांगड़ा अनुराग शर्मा ने उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित कर दिया। हालांकि निष्कासन के बाद भी नीरज भारती के हमले जारी हैं, जिससे कांग्रेस के भीतर राजनीतिक हलचल बनी हुई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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