कमर्शियल सिलेंडर महंगा करना जनहित में नहीं, आम जनता पर पड़ेगा बोझ : विक्रमादित्य सिंह

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कमर्शियल सिलेंडर महंगा करना जनहित में नहीं, आम जनता पर पड़ेगा बोझ : विक्रमादित्य सिंह


शिमला, 02 मई (हि.स.)। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए जाने को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। शिमला में शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव खत्म होते ही महंगाई का बोझ बढ़ाना सही नहीं है और यह फैसला किसी भी तरह से जनहितकारी नहीं माना जा सकता।

उन्होंने कहा कि कमर्शियल सिलेंडर महंगा होने से होटल, ढाबा और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर आम लोगों पर पड़ेगा। उनके मुताबिक कारोबारी बढ़ी हुई लागत को ग्राहकों से वसूल करेंगे, जिससे खाने-पीने की चीजें महंगी हो सकती हैं। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि आने वाले समय में घरेलू रसोई गैस के दाम भी बढ़ सकते हैं। उन्होंने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि पहले पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ाए गए और अब गैस सिलेंडर के जरिए आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डाला जा रहा है।

सूबे में सड़क निर्माण को लेकर भी मंत्री ने चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष के कारण बिटुमिन महंगा हो गया है, जो सड़कों के निर्माण में इस्तेमाल होता है। इससे प्रदेश में विकास कार्यों की लागत बढ़ रही है और परियोजनाओं पर असर पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को केंद्र सरकार के सामने उठाया गया है।

एग्जिट पोल को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले भी कई बार एग्जिट पोल गलत साबित हुए हैं और इस बार भी पांच राज्यों के चुनाव नतीजे अलग हो सकते हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के अच्छे प्रदर्शन का दावा किया।

हिमाचल में होने वाले निकाय चुनावों को लेकर उन्होंने कहा कि जनता राज्य सरकार की नीतियों के आधार पर वोट करेगी। उनके मुताबिक सुक्खू सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का असर चुनाव में दिखाई देगा और कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

इस दौरान उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पार्टी नेताओं से संवाद करते हैं और उनकी राय लेते हैं, जबकि नरेंद्र मोदी पर उन्होंने आरोप लगाया कि वे बड़े नेताओं को भी समय नहीं देते। विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि लोकतंत्र में संवाद जरूरी होता है, जो उन्हें भारतीय जनता पार्टी में कम दिखाई देता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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