जयराम ठाकुर को जिला परिषद सदस्यों को लेकर डर क्यों, चुनाव होकर रहेंगे : मुख्यमंत्री सुक्खू

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जयराम ठाकुर को जिला परिषद सदस्यों को लेकर डर क्यों, चुनाव होकर रहेंगे : मुख्यमंत्री सुक्खू


शिमला, 10 अगस्त (हि.स.)। शिमला जिला परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के चुनाव में देरी को लेकर चल रहे सियासी विवाद के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर पलटवार किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर जयराम ठाकुर चुनाव में देरी के विरोध में धरने पर बैठते हैं तो यह अच्छी बात है, लेकिन उन्हें यह बताना चाहिए कि जब चुनाव की तारीख तय थी, उस समय जिला परिषद सदस्यों को बैठक में भेजने के बजाय पंचकूला क्यों ले जाया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला उपायुक्त शिमला ने जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव के लिए तारीख तय की थी। उस समय सदस्यों को चुनावी बैठक में भेजने के बजाय उन्हें पंचकूला के एक होटल में ले जाया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर जयराम ठाकुर को जिला परिषद सदस्यों को लेकर ऐसा क्या डर है।

सुक्खू ने कहा कि चुनाव की तारीख तय करने में जिला उपायुक्त को कोई परेशानी नहीं है। जिला परिषद के चुनाव होने ही हैं और इन्हें कोई रोक नहीं सकता।

उन्होंने कहा कि जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के मतदान करने तक उन्हें लेकर अलग-अलग तरह की गतिविधियां चलती रहती हैं।

मुख्यमंत्री ने इस मामले में तंज कसते हुए कहा कि कुछ सदस्य अभी राजस्थान से लौटे हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें थोड़ा और घुमाया जाए, दर्शन करवाए जाएं और उसके बाद चुनाव के लिए लाया जाए। मुख्यमंत्री ने यह बात शिमला स्थित अपने सरकारी आवास ओक ओवर से कही।

दरअसल, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने शनिवार को शिमला में जिला परिषद अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनाव में देरी को लेकर प्रदेश सरकार और शिमला के उपायुक्त पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जिला परिषद चुनाव का परिणाम आने के करीब दो महीने बाद भी अध्यक्ष और उपाध्यक्ष का चुनाव नहीं कराया गया है। जयराम ठाकुर ने इस मामले में हाईकोर्ट जाने और जरूरत पड़ने पर धरना देने की चेतावनी दी थी। मुख्यमंत्री ने सोमवार को इसी बयान पर प्रतिक्रिया दी।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने सोमवार को शिमला से नेरवा में नवनिर्मित अग्निशमन चौकी का वर्चुअल माध्यम से लोकार्पण भी किया। इस मौके पर उन्होंने अग्निशमन विभाग को दो नए दमकल वाहन भी सौंपे। नेरवा में अग्निशमन चौकी खोलने की घोषणा मार्च 2024 में की गई थी।

नई अग्निशमन चौकी शुरू होने से नेरवा और आसपास के क्षेत्रों में आगजनी की घटनाओं और अन्य आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता बढ़ेगी। स्थानीय लोगों को आपात स्थिति में दमकल और राहत सेवाएं पहले से अधिक तेजी से उपलब्ध हो सकेंगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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