शहरी निकाय व पंचायत चुनाव में कॉमर्शियल गैस वृद्धि को मुद्दा बनाएगी कांग्रेस: मुख्यमंत्री सुक्खू

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शहरी निकाय व पंचायत चुनाव में कॉमर्शियल गैस वृद्धि को मुद्दा बनाएगी कांग्रेस: मुख्यमंत्री सुक्खू


शिमला, 04 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय और पंचायत चुनावों के संदर्भ में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि कांग्रेस कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में हुई बढ़ोतरी को बड़ा चुनावी मुद्दा बनाएगी। उन्होंने कहा कि गैस की कीमतों में वृद्धि का सबसे ज्यादा असर शहरी इलाकों पर पड़ता है, इसलिए नगर निगम चुनाव में यह अहम मुद्दा रहेगा। हिमाचल प्रदेश में नगर निकाय चुनाव 17 मई को होने हैं, जबकि पंचायत चुनाव के लिए मतदान 26, 28 और 30 मई को प्रस्तावित हैं।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि महंगाई लगातार बढ़ रही है और इसका असर आम लोगों पर साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि आपदा के समय प्रदेश को केंद्र से अपेक्षित राहत नहीं मिली और इस मुद्दे को भी कांग्रेस जनता के बीच उठाएगी।

चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा चुनाव में मतगणना के रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री सुक्खू ने ईवीएम को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ईवीएम मशीन को कोई भी कहीं भी हैक कर सकता है। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को केवल 20 प्रतिशत वोट मिलना संभव नहीं था, जिससे संदेह पैदा होता है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस ने करीब 20 साल बाद सभी सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं और पार्टी वहां फिर से खड़ी हो रही है। उन्होंने कहा कि वे खुद भी वहां प्रचार के लिए गए थे और लोगों में तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ नाराजगी देखी गई। उनके मुताबिक भविष्य में पश्चिम बंगाल में कांग्रेस मजबूत होकर उभरेगी और भाजपा के साथ सीधा मुकाबला करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि केरल में कांग्रेस की वापसी हो रही है और वहां पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में है।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने भारतीय जनता पार्टी पर आरोप लगाया कि वह ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले लोकतंत्र में संस्थाओं पर इस तरह का दबाव नहीं होता था, लेकिन अब स्थिति बदल गई है।

राज्य सरकार की गारंटियों पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार अपनी 10 गारंटियों को पूरा कर रही है। उन्होंने बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को 1500 रुपये की सहायता दी जा रही है और आगे अन्य जिलों में भी इस योजना का विस्तार किया जाएगा।

शिमला में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटनाओं को गंभीरता से लिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और बच्चों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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