राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन

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राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन


राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन


शिमला, 31 अगस्त (हि.स.)। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी के खिलाफ उत्तराखंड पुलिस द्वारा एफआईआर दर्ज किए जाने के विरोध में सोमवार को हिमाचल प्रदेश कांग्रेस पार्टी ने उपायुक्त कार्यालय, शिमला परिसर के समीप जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस पार्टी ने एफ आई आर दर्ज करने की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताते हुए भाजपा के खिलाफ नारेबाजी की और एफ आई आर को तत्काल वापस लेने की मांग की।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ कथित रूप से अपमानजनक व्यवहार किया गया, लेकिन इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय, मामले पर आपत्ति दर्ज करने वाले राहुल गांधी के खिलाफ ही एफ आई आर दर्ज करना अत्यंत निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था में असहमति के अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने तानाशाही का नया ट्रेंड शुरू किया है।कांग्रेस पार्टी की विचारधारा सर्व समाज की विचारधारा है।उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी राहुल गांधी की लोकप्रियता से घबरा गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों को अपनी बात रखने तथा सरकार एवं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने का पूरा अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकारें राजनीतिक विरोधियों को दबाने के लिए कानून और जांच एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही हैं, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा कि लोकतंत्र केवल चुनाव तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें विपक्ष की भूमिका, असहमति का सम्मान, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता भी समान रूप से महत्वपूर्ण है। विपक्ष की आवाज को दबाने के बजाय उसकी बात को सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में राजनीतिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन इन मतभेदों का समाधान संवैधानिक और लोकतांत्रिक माध्यमों से ही किया जाना चाहिए।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री,प्रदेश मंत्रिमंडल के सदस्य, विधायक, पार्टी पदाधिकारी और विभिन्न गणमान्य उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

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