मुख्यमंत्री सहारा योजना की प्रक्रिया हुई ऑनलाइन, 1562 आवेदन प्राप्त
शिमला, 10 अगस्त (हि.स.)। प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत आवेदन से लेकर वित्तीय सहायता के भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। इसके लिए एक नया ऑनलाइन डिजिटल प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है, जिसके माध्यम से लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ सिंगल विंडो प्रणाली से उपलब्ध करवाया जाएगा। इससे आवेदकों के समय और खर्च की बचत होगी।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने सोमवार को यहां बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को अब तक इस ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से 1562 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। उन्होंने इच्छुक और लंबित आवेदकों से अपना आवेदन हिम परिवार ई-कल्याण पोर्टल के माध्यम से अथवा नजदीकी लोकमित्र केंद्र पर करने का आग्रह किया है।
प्रवक्ता ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकर्ता लाभार्थियों की पहचान एवं सत्यापन के साथ-साथ आवश्यक प्रक्रियात्मक औपचारिकताएं पूरी करने में सहायता करेंगी। उन्होंने कहा कि जिन आवेदकों या लाभार्थियों के आवेदन हिमाचल प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा सोसाइटी द्वारा लंबित रखे गए थे, उन्हें भी मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए पुनः आवेदन करना होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सहारा योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के गंभीर एवं दीर्घकालिक बीमारियों से पीड़ित मरीजों को वित्तीय सहायता उपलब्ध करवाना है, जिन्हें लंबे समय तक उपचार की आवश्यकता होती है।
योजना के तहत पार्किंसन रोग, मैलिग्नेंट कैंसर, स्थायी दिव्यांगता के साथ लकवा, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, हीमोफीलिया, थैलेसीमिया, तीव्र या दीर्घकालिक गुर्दा विफलता से पीड़ित मरीजों सहित लंबे समय से उपचाराधीन अथवा शय्याग्रस्त मरीज पात्र हैं। इसके अलावा ऐसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति, जिसके कारण वह स्थायी रूप से कार्य करने में असमर्थ हो गया हो, भी योजना के तहत वित्तीय सहायता के लिए पात्र होगा।
प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने अप्रैल से जून 2026 तक की अवधि के लिए मुख्यमंत्री सहारा योजना के तहत 3813 आधार-सत्यापित सक्रिय पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता राशि जारी की है। वहीं, 91 लाभार्थियों ने अभी तक ई-केवाईसी सत्यापन नहीं करवाया है, जिसके कारण उन्हें सहायता राशि जारी नहीं की जा सकी है। उन्होंने कहा कि संबंधित लाभार्थियों द्वारा ई-केवाईसी सत्यापन पूरा करवाते ही संबंधित जिला कल्याण अधिकारी के माध्यम से उन्हें सहायता राशि जारी कर दी जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

