हिमाचल में 30 हजार से 80 हजार रुपये में हो रही रोबोटिक सर्जरी : मुख्यमंत्री सुक्खू

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हिमाचल में 30 हजार से 80 हजार रुपये में हो रही रोबोटिक सर्जरी : मुख्यमंत्री सुक्खू


शिमला, 20 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश में स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए पिछले साढ़े तीन साल में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य गरीब और जरूरतमंद लोगों को राज्य में ही बेहतर और कम खर्च वाली स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में एम्स स्तर की रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू की गई है। निजी क्षेत्र में जिस रोबोटिक सर्जरी पर करीब छह से सात लाख रुपये खर्च होते हैं, वही सर्जरी हिमाचल में करीब 30 हजार से 80 हजार रुपये में की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी की सुविधा शुरू हो चुकी है और अब तक 400 से अधिक सर्जरी की जा चुकी हैं।

मुख्यमंत्री ये बातें वीरवार को शिमला में एक समाचार पत्र समूह की ओर से आयोजित ‘हिमाचल रत्न’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय सेवाओं के लिए 13 विशिष्ट लोगों को ‘हिमाचल रत्न पुरस्कार’ प्रदान किए।

सुक्खू ने कहा कि रोबोटिक सर्जरी स्वास्थ्य सेवाओं में बदलाव के राज्य सरकार के विजन का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में तीन टेस्ला एमआरआई मशीनें लगाई गई हैं। सरकार का लक्ष्य अगले छह महीने में एमआरआई, सिटी स्कैन और एक्स-रे की प्रतीक्षा सूची खत्म करना है। अगले चार महीने में सभी मेडिकल कॉलेजों में ऑटोमेटेड लैब स्थापित करने की योजना है। इससे एक ही रक्त के नमूने से कई जांच की जा सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में किए जा रहे इन सुधारों के लिए राज्य सरकार अपने संसाधनों से खर्च कर रही है। हमीरपुर में एलाइड हेल्थ कॉलेज स्थापित किया जा रहा है। इस वर्ष प्रदेश में स्नातकोत्तर चिकित्सा की 320 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों के वेतन में बढ़ोतरी और जरूरत के अनुसार नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस देने पर भी सरकार विचार कर रही है।

शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती है कि सरकारी स्कूल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में निजी स्कूलों को टक्कर दे सकें। प्रदेश में 150 से अधिक सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से जोड़ा गया है। इन स्कूलों में 80 प्रतिशत से अधिक मेरिट वाले शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया 15 सितंबर 2026 तक पूरी कर ली जाएगी।

सुक्खू ने कहा कि सरकार सामाजिक सुरक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करने पर काम कर रही है। उनके अनुसार हिमाचल प्रदेश देश को करीब 90 हजार करोड़ रुपये की पारिस्थितिकी सेवाएं देता है। राज्य सरकार इन सेवाओं से जुड़े प्रदेश के अधिकारों और हितों को उचित मंचों पर उठा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान यानी आरडीजी में हर साल करीब 8,000 करोड़ रुपये की कमी आई है। इसके बावजूद कर्मचारियों के वेतन और पेंशनरों की पेंशन के भुगतान में कोई देरी नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि सरकार तीन नए शहर विकसित करने की योजना पर भी काम कर रही है। प्रशासनिक तंत्र का आकार कम करने पर भी विचार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के अनुसार इससे सरकारी धन का अधिक उपयोग जनकल्याण के कामों में किया जा सकेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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