स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम के तहत गोद लिए स्कूलों का औचक निरीक्षण करें उपायुक्त : मुख्यमंत्री
शिमला, 03 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने सभी जिलों के वरिष्ठ अधिकारियों को ‘अपना विद्यालय-हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम’ के तहत सक्रियता से कार्य करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने यहां शुक्रवार सायं सभी जिला के उपायुक्तों के साथ आयोजित वर्चुअल बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के तहत ज़िला स्तर से लेकर उप-मंडल स्तर तक के विभिन्न अधिकारी शिक्षण और अन्य गतिविधियों की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से सरकारी स्कूलों को गोद लेने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में इस कार्यक्रम के तहत गोद लिए गए स्कूलों की सूची पांच जनवरी, 2026 तक सरकार को प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने कहा कि हिमाचल स्कूल एडॉप्शन कार्यक्रम के तहत सभी उपायुक्त, अतिरिक्त उपायुक्त और जिला के वरिष्ठ अधिकारी कम से कम चार स्कूल गोद लेंगे। वे इन स्कूलों में प्रतिमाह छात्रों से संवाद करेंगे। उपायुक्त गोद लिए हुए स्कूलों का औचक निरीक्षण भी करेंगे। उन्होंने कहा कि अधिकारी महीने में एक बार इन स्कूलों का दौरा कर युवाओं के साथ संवाद कर उन्हें करियर और प्रतिस्पर्धात्मक परीक्षाओं की तैयारी संबंधी जानकारी दें। उपर्युक्त व्यक्तित्व, जिन्हें स्कूल पैट्रनर्ज भी कहा जाता है, शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन समिति के साथ मिलकर शिक्षा और स्कूल की गुणवत्ता में सुधार के लिए कार्य करते हैं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत अब तक 4,231 स्कूलों (1,950 प्राथमिक, 59 माध्यमिक, 664 उच्चत्तर और 1,558 वरिष्ठ माध्यमिक) को गोद लिया जा चुका है।
उन्होंने अधिकारियों को प्रदेश के सभी ज़िलों में चिट्टा तस्करों से सम्बन्धित अवैध सम्पत्ति की विस्तृत प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चिट्टा तस्करों के खिलाफ सख़्त से सख़्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि चिट्टा तस्करों की अवैध सम्पत्ति को जब्त किया जाएगा और अवैध निर्माण को ध्वस्त किया जाएगा। उउन्होंने चिट्टा कारोबार से जुड़े सरकारी कर्मचारियों के खि़लाफ भी समयबद्ध रूप से सख़्त कार्रवाई करने को कहा।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

