दिल्ली दौरे से लौटे मुख्यमंत्री सुक्खू, कैबिनेट विस्तार के संकेत
शिमला, 17 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू दिल्ली दौरे से शनिवार को वापस शिमला लौट आए हैं। दिल्ली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर हिमाचल प्रदेश से जुड़े अहम मुद्दों को उनके समक्ष रखा। मुख्यमंत्री के अनुसार केंद्रीय मंत्रियों ने राज्य के मामलों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया है।
शिमला पहुंचने पर पत्रकारों से बातचीत में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि दिल्ली में सेब पर आयात शुल्क (इम्पोर्ट ड्यूटी) बढ़ाने, हिमाचल को हर साल मिलने वाली 10 हजार करोड़ रुपये की रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट और प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को जल्द जारी करने जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि इन विषयों पर केंद्रीय मंत्रियों ने सकारात्मक रुख दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) से नई पेंशन योजना (यूपीएस) से जुड़े विषय पर भी बातचीत हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओपीएस कोई राजनीतिक लाभ के लिए नहीं दी गई बल्कि यह कर्मचारियों का अधिकार है। उन्होंने स्वीकार किया कि ओपीएस लागू करने से राज्य सरकार पर आर्थिक बोझ पड़ा है, लेकिन इसके बावजूद सरकार कर्मचारियों के हित में इस फैसले पर कायम है। इसके अलावा जीएसटी के कारण हिमाचल को हो रहे वित्तीय नुकसान का मुद्दा भी केंद्र सरकार के सामने रखा गया है।
दिल्ली दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से भी मुलाकात की। इस मुलाकात को संगठन और सरकार से जुड़े अहम घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि आने वाले समय में राज्य मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा और फेरबदल भी संभव है। उन्होंने कहा कि कैबिनेट को और प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 9 जनवरी को शिमला से दिल्ली और गोवा भेजे गए ‘चिल्ड्रन ऑफ स्टेट’ कार्यक्रम के तहत गए बच्चों से भी मुलाकात की, जो अब वापस लौट आए हैं। मुख्यमंत्री ने बच्चों के अनुभवों को सुना और इस पहल को प्रदेश के लिए महत्वपूर्ण बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश की संपदा पर प्रदेश की 75 लाख जनता का पूरा अधिकार है, जो पहले कुछ चुनिंदा लोगों तक ही सीमित थी। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने भ्रष्टाचार के रास्तों को बंद कर ‘सुखाश्रय’ जैसी योजनाओं के माध्यम से सरकारी संसाधनों को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि सरकार की नीतियों से प्रदेश के हर वर्ग को लाभ मिलेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

