पेंशनरों को अक्तूबर में मिलेगा एरियर, क्लास-थ्री को 30 और क्लास-वन व दो को 15 फीसदी भुगतान : मुख्यमंत्री सुक्खू

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पेंशनरों को अक्तूबर में मिलेगा एरियर, क्लास-थ्री को 30 और क्लास-वन व दो को 15 फीसदी भुगतान : मुख्यमंत्री सुक्खू


शिमला, 21 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश सरकार अक्तूबर में वर्ष 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों को पेंशन एरियर की राशि जारी करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 दिसंबर 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए क्लास-III पेंशनरों को उनके पेंशन एरियर का 30 प्रतिशत और क्लास-I व क्लास-II पेंशनरों को 15 प्रतिशत एरियर अक्तूबर में दिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा सोमवार को हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स ज्वाइंट फ्रंट के साथ शिमला में हुई बैठक की अध्यक्षता करते हुए की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पेंशनरों और कर्मचारियों की समस्याओं से अवगत है और इनके समाधान के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार समय-समय पर कर्मचारियों और पेंशनरों को वित्तीय लाभ जारी करती रही है।

उन्होंने कहा कि आने वाले समय में महंगाई भत्ते की एक और किस्त जारी करने पर भी विचार किया जा रहा है। सभी विभागों को पेंशनरों के लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति दावों का भुगतान करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 65 वर्ष से अधिक आयु के सभी पेंशनरों का एरियर सरकार पहले ही जारी कर चुकी है।

सुक्खू ने कहा कि पेंशनरों ने हिमाचल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के हित में पुरानी पेंशन योजना बहाल की है।

मुख्यमंत्री के अनुसार यह निर्णय किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं लिया गया था। इसका उद्देश्य कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद सम्मानजनक जीवन देने की व्यवस्था करना था।

बैठक में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की वित्तीय स्थिति का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस सरकार ने सत्ता संभाली थी, तब पिछली भाजपा सरकार प्रदेश पर 76 हजार करोड़ रुपये का कर्ज छोड़ गई थी। इसके अलावा कर्मचारियों और पेंशनरों से संबंधित करीब 10 हजार करोड़ रुपये की देनदारियां भी थीं। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश को वर्ष 1952 से राजस्व घाटा अनुदान यानी आरडीजी मिलता रहा है, लेकिन 16वें वित्त आयोग ने 77 वर्षों से मिल रहे इस अधिकार को बंद कर दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आरडीजी केवल प्रदेश सरकार का अधिकार नहीं, हिमाचल प्रदेश की जनता का अधिकार है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की एक लाख रुपये की सालाना आय में से 40 हजार रुपये काट लिए जाएं तो उसकी आर्थिक स्थिति पर क्या असर पड़ेगा, इसे समझा जा सकता है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश भी ऐसी ही स्थिति का सामना कर रहा है और प्रदेश को हर वर्ष 8 हजार से 10 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।

सुक्खू ने कहा कि पिछली भाजपा सरकार को अपने पांच साल के कार्यकाल में 54 हजार करोड़ रुपये आरडीजी और 16 हजार करोड़ रुपये जीएसटी मुआवजे के रूप में मिले थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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