संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड पुरोहित कोर्स की कक्षाएं आरम्भ करने पर विचारः मुख्यमंत्री
शिमला, 31 अगस्त (हि.स.)। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने आज यहां हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड पुरोहित कोर्स की कक्षाएं आरम्भ करने पर विचार किया जाएगा। इसके तहत डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स आरम्भ किए जाएंगे।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि सामंजस्य और भाईचारे से ही आदर्श समाज का निर्माण संभव है क्योंकि इससे सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है। ऐसे वातावरण में शांति, सद्भाव और सहयोग की भावना विकसित होती है, जो किसी भी समाज की प्रगति और समृद्धि की मजबूत नींव बनती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान में प्रदेश में संचालित 222 गौ सदनों व गौ अभयारण्यों में 23018 गौवंश को आश्रय प्रदान किया गया है। सात गौ सदनों व अभयारण्यों का निर्माण कार्य पूर्ण होने पर 2200 से 2500 बेसहारा गौवंश को आश्रय प्रदान किया जाएगा। गौ सेवा आयोग द्वारा गौसदनोें व गौ अभयारण्यों में पल रहे बेसहारा गौवंश के पालन-पोषण के लिए प्रतिमाह 1200 रुपये प्रति गौवंश सहायता राशि प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रदेश सरकार द्वारा बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का गठन किया गया है।
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा राज्य के समग्र विकास के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं कार्यान्वित की जा रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क सहित विभिन्न क्षेत्रों के विकास के लिए व्यवस्था परिवर्तन के ध्येय से अनेक पहल की जा रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाईयां एवं निःशुल्क जांच तथा आवश्यक मशीनरी उपकरण उपलब्ध हैं। इसके अतिरक्ति सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा क्षेत्रीय अस्पतालों, नागरिक अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए 484 प्रकार की दवाइयां व 134 उपभोग्य वस्तुएं, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए 170 प्रकार की दवाइयां व 48 उपभोग्य वस्तुएं तथा उप स्वास्थ्य केन्द्रों के लिए 91 प्रकार की दवाइयां व 28 उपभोग्य वस्तुओं को आवश्यक दवाइयों की सूची में अधिसूचित किया गया है। उन्होंने कहा कि इन दवाइयों की स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए 573 प्रकार की दवाइयां व उपभोग्य वस्तुएं राज्य दर संविदा में उपलब्ध हैं तथा 866 प्रकार की दवाइयां व उपभोग्य वस्तुएं सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में उपलब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में नैदानिक जांच सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए सरकार ने ई-निविदा के माध्यम से निजी क्षेत्र की कम्पनी करसना डायग्नोसटिक्स के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 63, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों में 96, नागरिक अस्पतालों में 110 तथा जोनल व क्षेत्रीय अस्पतालों में 133 प्रयोगशालाएं जांच रोगियों के लिए निःशुल्क उपलब्ध करवाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि सभी आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सी.टी. स्कैन तथा प्रयोगशाला जांच की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

