सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाना लक्ष्य : विक्रमादित्य सिंह
शिमला, 06 सितंबर (हि.स.)। लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा है कि सरकार का लक्ष्य पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कई पात्र परिवार योजनाओं के लाभ से वंचित रह जाते हैं। अधिकारियों और विभागों को ऐसे परिवारों की पहचान कर उन्हें योजनाओं की जानकारी देने के साथ लाभ लेने की प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए।
विक्रमादित्य सिंह ने रविवार को शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र की ग्राम पंचायत दूधालटी में ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ को लेकर आयोजित विशेष संवाद एवं जागरूकता कार्यक्रम में यह बात कही। उन्होंने बताया कि योजना की शुरुआत दो अक्टूबर से होगी और टूटू विकास खंड से करीब 782 परिवारों का चयन किया गया है। वर्तमान चरण में आवेदन, सत्यापन और अनुशंसा की प्रक्रिया 20 सितंबर तक पूरी की जानी है। पात्र परिवार ग्राम पंचायत, विकास खंड कार्यालय या एसडीएम (सिविल) कार्यालय में आवेदन जमा कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य प्रदेश और केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को एक साथ जोड़कर पात्र परिवारों, महिलाओं, बुजुर्गों, पेंशनधारकों और अन्य जरूरतमंद वर्गों तक लाभ पहुंचाना है। योजना के तहत परिवार की वास्तविक जरूरत का आकलन कर उसे उपयुक्त सरकारी सहायता से जोड़ा जाएगा। चयनित परिवारों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए अगले दो वर्षों तक विशेष तंत्र के माध्यम से काम किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि सरकार ने योजनाओं के लिए बजट का प्रावधान किया है, लेकिन इनका लाभ ग्रामीण क्षेत्रों में अंतिम पात्र व्यक्ति तक पहुंचना जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस काम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और समाज की साझा जिम्मेदारी है। उन्होंने बताया कि लोगों के सुझावों के आधार पर योजना में सुधार किया जा रहा है। शिमला ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में करीब 900 करोड़ रुपये के विकास कार्य चल रहे हैं।
योजना के तहत पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली और पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। पक्के मकान से वंचित पात्र परिवारों को आवास निर्माण के लिए वित्तीय सहायता से जोड़ने का भी प्रावधान है।
एक सरकारी प्रवक्ता के अनुसार ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के आठ चरणों के सर्वेक्षण में प्रदेश में करीब दो लाख अति निर्धन और जरूरतमंद परिवार चिन्हित किए गए हैं। इनमें करीब 85 से 90 हजार परिवार ऐसे हैं, जिन्हें बीपीएल सूची में स्थान नहीं मिला या किसी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिल पाया है।
वर्तमान चरण में 27 वर्ष से कम आयु के बेसहारा व्यक्ति, 59 वर्ष से अधिक आयु के वृद्धजन, विधवा, अविवाहित, तलाकशुदा या परित्यक्ता महिला वाले परिवार तथा 40 प्रतिशत या अधिक दिव्यांगता वाले परिवार के मुखिया वाले परिवार निर्धारित शर्तों के अनुसार आवेदन कर सकते हैं। परिवार की वार्षिक आय सीमा 75 हजार रुपये बताई गई है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

