सुक्खू ने सेब का खरीद मूल्य 13 रुपये किया, दिसंबर से दूध का समर्थन मूल्य बढ़ेगा
शिमला, 01 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने वीरवार को शिमला जिला के रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र के चिड़गांव में कई घोषणाएं करते हुए मंडी मध्यस्थता योजना (एमआईएस) के तहत सेब का खरीद मूल्य एक रुपये बढ़ाने का ऐलान किया। अब एमआईएस के तहत सेब 12 रुपये के बजाय 13 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीदा जाएगा। उन्होंने कहा कि एक दिसंबर से दूध के समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की जाएगी।
चिड़गांव में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों, बागवानों तथा पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने दूध के समर्थन मूल्य में पहले भी बढ़ोतरी की है और आगे इसमें और वृद्धि की जाएगी। इससे पशुपालकों की आय बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार ने सेब बागवानों के लिए यूनिवर्सल कार्टन व्यवस्था लागू की है और प्राकृतिक खेती के उत्पादों को भी समर्थन मूल्य दिया जा रहा है।
सुक्खू ने शिक्षा के क्षेत्र में सरकार के काम का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष 2021 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में हिमाचल 21वें स्थान पर था और अब पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए पहली कक्षा से अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई शुरू की गई है। विद्यार्थियों की संख्या में कमी को देखते हुए राज्य में 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं। रोहड़ू के एक स्कूल में सीबीएसई व्यवस्था लागू होने के बाद एक साल में विद्यार्थियों की संख्या 500 से अधिक बढ़ी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सीबीएसई स्कूलों में 1,500 अध्यापकों की नियुक्ति की गई है। इसके साथ हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्कूलों को भी मजबूत किया जा रहा है। प्रदेश में 300 स्कूल ऑफ एक्सीलेंस बनाए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध करवाना है।
मुख्यमंत्री कार्यालय को लेकर भाजपा के सवालों पर सुक्खू ने कहा कि मुख्यमंत्री कार्यालय आम लोगों का कार्यालय है और यहां जनता की समस्याओं का समाधान किया जाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने वाइल्ड फ्लावर हॉल और जेएसडब्ल्यू से जुड़े मामलों में सर्वोच्च न्यायालय में प्रदेश के हितों की रक्षा की है। किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना के मामले में भी प्रदेश को लाभ मिला है और इससे राज्य के खजाने में करीब 1,200 से 1,500 करोड़ रुपये की आय होने की संभावना है।
आपदा से हुए नुकसान का उल्लेख करते हुए सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में 23 हजार घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए। ऐसे परिवारों के लिए आर्थिक सहायता डेढ़ लाख रुपये से बढ़ाकर पहले साढ़े सात लाख रुपये की गई और अब इसे बढ़ाकर आठ लाख रुपये कर दिया गया है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने संदासू सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को स्तरोन्नत कर सिविल अस्पताल बनाने, समरकोट में सब-तहसील खोलने, चिड़गांव में एसडीएम कार्यालय खोलने के लिए सर्वे करवाने तथा जांगला और चिड़गांव के स्कूलों को सीबीएसई स्कूल बनाने की घोषणाएं भी कीं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

