शिमला में रेहड़ी लगाने वाले चंदन की मौत के बाद बढ़ा विरोध, सीटू ने नगर निगम अधिकारियों पर मांगी कार्रवाई

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शिमला में रेहड़ी लगाने वाले चंदन की मौत के बाद बढ़ा विरोध, सीटू ने नगर निगम अधिकारियों पर मांगी कार्रवाई


शिमला, 04 जून (हि.स.)। शिमला में रेहड़ी लगाने वाले चंदन की मौत के बाद नगर निगम प्रशासन की कार्रवाई को लेकर विवाद गहरा गया है। श्रमिक संगठन सीटू और रेहड़ी-फड़ी यूनियन ने इस मामले में नगर निगम प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

मामले के अनुसार 31 मई को नगर निगम की एक कार्रवाई के दौरान चंदन गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह चार दिनों तक आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझता रहा। बुधवार को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। चंदन की मौत के बाद रेहड़ी-फड़ी कारोबारियों और श्रमिक संगठनों में रोष देखा जा रहा है।

सीटू ने इसके विरोध में गुरुवार को प्रदर्शन किया।

सीटू के प्रदेश अध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने आरोप लगाया कि नगर निगम की कार्रवाई के दौरान चंदन अपना सामान बचाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान वह गिर गया और गंभीर रूप से घायल हो गया। उन्होंने कहा कि घायल होने के बाद चंदन को अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बचाई जा सकी।

मेहरा ने मांग की कि इस मामले में गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया जाए और घटना के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति की मौत का मामला नहीं है, बल्कि उन हजारों गरीब और मेहनतकश लोगों की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा मुद्दा है, जो रेहड़ी-फड़ी लगाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं।

सीटू ने मृतक के परिवार के लिए 25 लाख रुपये मुआवजे की मांग भी की है। इसके अलावा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी और बच्चों की शिक्षा का पूरा खर्च सरकार द्वारा उठाने की मांग की गई है।

विजेंद्र मेहरा ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो रेहड़ी-फड़ी यूनियन और सीटू आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में नगर निगम आयुक्त और संयुक्त आयुक्त कार्यालय का घेराव करने सहित बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जा सकते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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