हिमाचल में प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिले से पहले होगा चिट्टा टेस्ट, नशे की कमाई से बनी संपत्तियां भी गिरेंगी

WhatsApp Channel Join Now
हिमाचल में प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिले से पहले होगा चिट्टा टेस्ट, नशे की कमाई से बनी संपत्तियां भी गिरेंगी


शिमला, 11 मई (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में चिट्टे के नशे के बढ़ते खतरे के बीच मुख्यमंत्री सुखविंदर ने नशे के खिलाफ अब तक का सबसे सख्त और व्यापक अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री ने सोमवार को शिमला में पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रदेश के सरकारी शिक्षण संस्थानों में प्रोफेशनल कोर्सेज में दाखिला लेने वाले छात्रों का हर साल चिट्टा टेस्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि डॉक्टर और इंजीनियरिंग से जुड़े सरकारी संस्थानों में अगले महीने से यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। मुख्यमंत्री ने साफ किया कि यदि कोई छात्र चिट्टा टेस्ट में पॉजिटिव पाया जाता है तो उसे कोर्स से बाहर नहीं किया जाएगा, उसका पुनर्वास कराया जाएगा ताकि वह अपनी पढ़ाई पूरी कर सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नशे को सिर्फ कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, सामाजिक और पीढ़ियों से जुड़ा गंभीर संकट मान रही है। इसी वजह से सरकार ने नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ इलाज और जागरूकता पर भी एक साथ काम शुरू किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस भर्ती में पहले ही चिट्टा टेस्ट अनिवार्य किया जा चुका है और अब इसे अन्य सरकारी भर्तियों में भी लागू किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि चिट्टे के कारोबार से कमाई गई संपत्तियों को ध्वस्त किया जाएगा और नशे के नेटवर्क से जुड़े लोगों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने बताया कि नशे से जुड़े 123 सरकारी कर्मचारियों की पहचान की गई थी, जिनमें से 31 को नौकरी से बर्खास्त किया जा चुका है। इनमें 21 पुलिस कर्मचारी भी शामिल हैं। बाकी मामलों में भी कार्रवाई प्रक्रिया जारी है औऱ इन्हें भी बर्खास्त किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नशे के खिलाफ अभियान को और तेज किया गया है। सरकार ने 234 पंचायतों को नशे की स्थिति के आधार पर रेड, येलो और ग्रीन जोन में बांटा है। इन क्षेत्रों पर पुलिस और प्रशासन लगातार नजर रख रहे हैं। उन्होंने बताया कि करीब 12 हजार ऐसे लोगों की पहचान की गई है जो किसी न किसी रूप में नशे से जुड़े पाए गए हैं।

मुख्यमंत्री के अनुसार एनडीपीएस एक्ट के तहत अब तक 6811 मामले दर्ज किए गए हैं और 10,357 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने 45 किलो हेरोइन बरामद की है, जबकि 174 बड़े चिट्टा तस्करों को जेल भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने पीआईटी-एनडीपीएस एक्ट को भी प्रभावी तरीके से लागू किया है ताकि बड़े तस्करों पर सख्त कार्रवाई की जा सके।

मुख्यमंत्री ने बताया कि एक जून से 20 अगस्त तक “चिट्टा मुक्त अभियान” का दूसरा चरण चलाया जाएगा। इसके तहत स्कूलों और कॉलेजों में बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान चलेंगे। सभी जिलों के उपायुक्त 10 शिक्षण संस्थानों और 10 पंचायतों का दौरा करेंगे। इसके अलावा पूरे प्रदेश में वॉकथॉन आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मुख्यमंत्री स्वयं भी भाग लेंगे।

नशा पीड़ितों के इलाज को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि मशोबरा में लड़कियों के लिए विशेष डी-एडिक्शन सेंटर खोला जाएगा, जबकि दूसरा केंद्र टांडा मेडिकल कॉलेज में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने फार्मा कंपनियों और दवा विक्रेताओं को भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई फार्मा कंपनी या फार्मासिस्ट चिट्टा या अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री में शामिल पाया गया तो उसका लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Share this story