सीबीएसई स्कूलों में 11वीं-12वीं के विषय संयोजन तय, शिक्षक उपलब्ध होने पर ही मिलेगा विषय

WhatsApp Channel Join Now

शिमला, 08 सितंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए मेडिकल, नॉन-मेडिकल, कॉमर्स और ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में विषयों के संयोजन तय कर दिए गए हैं। शिक्षा निदेशालय ने प्रदेशभर के सीबीएसई संबद्ध सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में इन विषय संयोजनों को एकरूपता के साथ लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था फिलहाल लागू की गई है।

शिक्षा निदेशालय के अनुसार विषय संयोजन सीबीएसई के शैक्षणिक ढांचे और शैक्षणिक सत्र 2026-27 के नए पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर तय किए गए हैं। विषयों का चयन करते समय विद्यार्थियों की रुचि, आगे की पढ़ाई और स्कूलों में उपलब्ध विषय अध्यापकों की स्थिति को ध्यान में रखा गया है। स्कूलों में विषयों की पेशकश उपलब्ध संसाधनों और शिक्षकों के अनुसार ही की जाएगी।

निदेशालय ने स्कूल प्रधानों को स्पष्ट किया है कि किसी विषय की पेशकश तभी की जाए, जब उस विषय का शिक्षक संबंधित स्कूल में उपलब्ध हो और पद पर कार्यरत हो। शिक्षक उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में विद्यार्थियों को वह विषय आवंटित नहीं किया जा सकेगा। इससे स्कूलों में ऐसे विषय शुरू करने पर रोक रहेगी, जिनके लिए पर्याप्त शिक्षकीय व्यवस्था उपलब्ध नहीं है।

आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि ऐसे कौशल विषय, ट्रेड या मॉड्यूल तथा व्यावसायिक ट्रेड, जो वर्तमान में सीबीएसई की ओर से संचालित नहीं किए जा रहे हैं, उन्हें स्कूलों में विद्यार्थियों को ऑफर नहीं किया जाएगा। ऐसे विषयों को विद्यार्थियों की सूची यानी एलओसी में भी शामिल नहीं किया जा सकेगा।

विज्ञान संकाय में अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान और मनोविज्ञान को अनिवार्य विषय रखा गया है। इसके साथ गणित और जीव विज्ञान में से विकल्प उपलब्ध रहेगा। इस तरह विज्ञान संकाय में विद्यार्थियों के लिए कुल छह मुख्य विषयों की व्यवस्था रहेगी।

कॉमर्स संकाय में अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, लेखाशास्त्र, व्यवसाय अध्ययन और सूचना प्रौद्योगिकी अनिवार्य विषय होंगे। इसके साथ एक विषय वैकल्पिक रखा गया है। इस संकाय में भी विद्यार्थियों के छह मुख्य विषय होंगे।

ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम में अंग्रेजी अनिवार्य विषय रहेगा। इसके अतिरिक्त हिंदी, इतिहास, भूगोल, राजनीति विज्ञान, अर्थशास्त्र, गणित, मनोविज्ञान और समाजशास्त्र सहित उपलब्ध विषयों में से पांच विषय चुने जा सकेंगे। मानविकी संकाय में भी छह मुख्य विषयों की व्यवस्था रहेगी।

सभी स्ट्रीम के विद्यार्थियों के लिए स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा, कार्य अनुभव और सामान्य अध्ययन भी शामिल रहेंगे। विषय संयोजन का उद्देश्य सीबीएसई के निर्धारित शैक्षणिक ढांचे के अनुरूप स्कूलों में पढ़ाई की व्यवस्था को एक समान बनाना है।

शिक्षा निदेशालय ने स्कूल प्रधानों को सीबीएसई की आधिकारिक वेबसाइट नियमित रूप से देखने के निर्देश दिए हैं। प्रधानाचार्यों को सीबीएसई की ओर से समय-समय पर जारी होने वाले पाठ्यक्रम, शैक्षणिक दिशा-निर्देश, विषय योजना और अन्य आदेशों की जानकारी रखने को कहा गया है। इसके साथ ही सीबीएसई के संबद्धता और परीक्षा से जुड़े नियमों तथा समय-समय पर जारी निर्देशों का अध्ययन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

निदेशालय ने सभी उप निदेशक स्कूल शिक्षा (माध्यमिक) को अपने अधीन आने वाले सीबीएसई संबद्ध सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों को आवश्यक निर्देश जारी करने को कहा है। स्कूलों में विषय संयोजन उपलब्ध विषय अध्यापकों की स्थिति को देखते हुए यथासंभव और व्यावहारिक रूप से एक समान लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Share this story