कैबिनेट का फैसला: 30 अप्रैल से पहले पंचायत चुनाव, मेडकिल कॉलेजो में 120 भर्तियां, हवाई सेवा बहाल
शिमला, 19 जनवरी (हि.स.)। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में सोमवार को हुई प्रदेश कैबिनेट की बैठक में पंचायत चुनावों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया। कैबिनेट ने हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार पंचायत चुनाव 30 अप्रैल से पहले करवाने पर सहमति जताई है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह इस मामले में सुप्रीम कोर्ट नहीं जाएगी। मुख्यमंत्री ने पंचायती राज विभाग को चुनाव से जुड़ी सभी तैयारियां तुरंत शुरू करने के सम्बंधित विभागों को निर्देश दिए हैं। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को 30 अप्रैल तक पंचायत चुनाव संपन्न करने के आदेश दिए थे। इसकी अनुपालन में कैबिनेट ने ये फैसला लिया है।
कैबिनेट के फैसलों की प्रेस ब्रीफिंग करते हुए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने ये जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि कैबिनेट बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने को लेकर भी कई फैसले किए गए। मेडिकल कॉलेजों में तकनीकी स्टाफ के खाली पड़े 120 पदों को भरने की मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज, हमीरपुर में अत्याधुनिक कैंसर केयर सेंटर खोलने का निर्णय लिया गया है, जिसके लिए 11 नए विभाग बनाए जाएंगे और करीब 250 पद सृजित कर भरे जाएंगे। वहीं बिलासपुर स्थित एम्स परिसर में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए आठ अतिरिक्त ब्लॉक बनाने की भी अनुमति दी गई है।
मंत्री ने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में रहने वाले सामाजिक सुरक्षा पेंशन लाभार्थियों को अब एक माह पहले पेंशन देने का निर्णय लिया गया है, ताकि उन्हें समय पर सहायता मिल सके। इसके लिए सामाजिक सुरक्षा पेंशन नियमों में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है।
राज्य में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए राजस्व विभाग के डिजास्टर मैनेजमेंट सेल में 11 नए पद सृजित कर उन्हें भरने का फैसला लिया गया है। वहीं राजस्व विभाग में स्टाफ की कमी को देखते हुए सेवानिवृत्त राजस्व अधिकारियों को निश्चित मानदेय पर दोबारा नियुक्त करने का निर्णय भी लिया गया है, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा हो सके। इसके अलावा छह तहसीलदारों और कर एवं आबकारी विभाग में सहायक आयुक्त के 11 पद भरने की मंजूरी दी गई है।
नौकरी से जुड़े फैसलों में कैबिनेट ने स्टाफ नर्स की भर्ती के लिए आयु सीमा में बड़ा बदलाव किया है। अब आयु सीमा 21 से 32 वर्ष के बजाय 18 से 45 वर्ष कर दी गई है। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों को पांच वर्ष की अतिरिक्त छूट भी दी जाएगी। इसके साथ ही सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर नीति में संशोधन कर इन-सर्विस डॉक्टरों और सीधे भर्ती होने वाले अभ्यर्थियों के लिए सीटों का अनुपात तय किया गया है।
पर्यटन और हवाई कनेक्टिविटी को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने शिमला–दिल्ली और शिमला–धर्मशाला मार्ग पर सप्ताह के सातों दिन 46 सीटर विमान सेवा बहाल करने की मंजूरी दी है। इसके अलावा शिमला में अंतरराष्ट्रीय स्तर का नया आइस स्केटिंग रिंक बनाने का भी फैसला लिया गया है। कांगड़ा जिले के धर्मशाला के पास नड्डी में 4.3 किलोमीटर लंबी जिपलाइन परियोजना को भी स्वीकृति दी गई है, जिसे पूरा होने पर एशिया की सबसे लंबी जिपलाइन बताया जा रहा है।
कैबिनेट ने खाद्य और पोषण नीति को भी मंजूरी दी है। इसके तहत कंडाघाट में फूड सेफ्टी लैब को उन्नत किया जाएगा और कांगड़ा, मंडी, शिमला और सोलन (बद्दी) में नए पोषण और खाद्य जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी। राज्य में अनाथों और विधवाओं के कल्याण के लिए पेट्रोल और डीजल पर ‘अनाथ और विधवा उपकर’ लगाने के लिए अध्यादेश लाने का भी फैसला लिया गया है, जिसे उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं बताया गया है।
इसके अलावा कैबिनेट ने भू-तापीय ऊर्जा नीति अपनाने, चार जल विद्युत परियोजनाओं को आवंटित करने, औद्योगिक निवेश नीति को मार्च 2026 तक बढ़ाने और हिमाचल भूमि राजस्व नियम, 2025 को मंजूरी देने का निर्णय भी लिया है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

