सुक्खू सरकार का बजट जनविरोधी, प्रदेश को रसातल की ओर ले जाने वाला: राजीव बिंदल
नाहन, 22 मार्च (हि.स.)। सुखविंदर सिंह सुक्खू द्वारा प्रस्तुत वर्ष 2026-27 का 54,928 करोड़ रुपये का बजट विपक्ष के निशाने पर आ गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ राजीव बिंदल ने इस बजट को हिमाचल के राजनीतिक इतिहास का सबसे निराशाजनक बजट बताते हुए कहा कि यह प्रदेश को रसातल की ओर ले जाने वाला है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि यह बजट जनहितैषी नहीं बल्कि पूरी तरह जनविरोधी है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह व जय राम ठाकुर के बजट दस्तावेज मौजूद हैं, जिनकी तुलना में वर्तमान बजट कमजोर और दिशाहीन प्रतीत होता है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर वर्ष बजट में सामान्यतः 4 से 5 हजार करोड़ रुपये की वृद्धि होती रही है, लेकिन इस बार बजट में लगभग 15 प्रतिशत यानी करीब 8 हजार करोड़ रुपये की कमी दर्ज की गई है। इससे स्पष्ट है कि आने वाले समय में विकास कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
बिंदल ने आरोप लगाया कि बजट में स्वास्थ्य, सड़क निर्माण, कृषि और पर्यटन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को केवल केंद्र सरकार की योजनाओं के अनुरूप दिखाया गया है, जबकि राज्य स्तर पर इनके लिए कोई ठोस प्रावधान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि बजट में घोषणाओं की भरमार है, लेकिन उनके लिए वित्तीय व्यवस्था का अभाव है।
उन्होंने आगे कहा कि 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा अब सीमित वर्ग तक सिमट गया है, वहीं हर महिला को 1500 रुपये देने की घोषणा को भी श्रेणियों में बांट दिया गया है। इसके अलावा बीपीएल व्यवस्था को भी पूरी तरह अव्यवस्थित कर दिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

