सनातन संस्कृति, संस्कार अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना करे सरकारः ब्राहमण सभा

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मंडी, 30 अगस्त (हि.स.)। ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की सोमवार को शिमला में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली बैठक के लिए प्रदेश हिमाचल प्रदेश ब्राहमण सभा ने अपनी मांगों का एक ज्ञापन बोर्ड के नामित सदस्यों के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा है। सभा के प्रदेशाध्यक्ष मनमोहन शर्मा ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को भेजे पत्र में प्रमुख तौर पर मांग उठाई है कि सरकार सनातन संस्कृति, संस्कार अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना करे। इसके अलावा बोर्ड को पर्याप्त बजट उपलब्ध करवाने, मंदिरों में धार्मिक सेवाएं दे रहे पुजारियों के लिए सम्मानजनक मानदेय सुनिश्चित करने तथा समाज के हित में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया है।

राज्य अध्यक्ष मनमोहन गौतम एवं पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के गठन की पहल स्वागत योग्य है। हालांकि, बोर्ड को प्रभावी ढंग से कार्य करने के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन और अधिकार प्रदान करना जरूरी है। सभा ने ब्राह्मण कल्याण बोर्ड के लिए 50 करोड़ रुपए के बजट का प्रावधान करने की मांग की है, ताकि समाज के जरूरतमंद लोगों के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं शुरू की जा सकें और उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो।

सभा ने प्रदेश के विभिन्न मंदिरों में वर्षों से धार्मिक सेवाएं दे रहे पुजारियों की समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया है। सभा का कहना है कि अनेक पुजारी सीमित आय में अपनी धार्मिक जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में मंदिरों में सेवाएं दे रहे पुजारियों के लिए उचित एवं सम्मानजनक मानदेय के साथ आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए। सभा ने सरकार से इस दिशा में ठोस नीति बनाने का आग्रह किया है। हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण सभा ने प्रदेश के प्रत्येक जिले में ब्राह्मण कल्याण सभा के लिए पांच-पांच बीघा भूमि उपलब्ध करवाने की मांग भी उठाई है। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में सभा की गतिविधियों एवं समाज कल्याण से जुड़े कार्यों के लिए पांच-पांच करोड़ रुपए का प्रावधान करने का आग्रह किया गया है।

सभा का कहना है कि इससे सामाजिक, धार्मिक, सांस्कृतिक और जनकल्याण से जुड़े कार्यों को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। सभा ने ब्राह्मण समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहायता तथा युवा वर्ग को शिक्षा और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध करवाने की दिशा में भी सरकार से प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया है।

सभा ने कहा कि बदलते समय के साथ समाज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कल्याणकारी योजनाएं तैयार की जानी चाहिए, ताकि जरूरतमंद परिवारों को इसका सीधा लाभ मिल सके। हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण सभा ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में उल्लेख किया है कि सभा पिछले 45 वर्षों से समाज के हित में कार्य करती आ रही है।

सभा ने सरकार से आग्रह किया है कि ब्राह्मण समाज से संबंधित समस्याओं और लंबित मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए इनके समाधान के लिए समयबद्ध कार्रवाई की जाए।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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