हिमाचल में कृष्णा लैब से टैस्ट बंद, 110 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित : भाजपा

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हिमाचल में कृष्णा लैब से टैस्ट बंद, 110 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित : भाजपा


शिमला, 03 नवंबर (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कृष्णा डायग्नोस्टिक्स की जांच सेवाएं ठप होने से मरीजों की परेशानी बढ़ गई है। कंपनी की ओर से करीब 110 करोड़ रुपये का भुगतान लंबित होने के कारण सैंपल कलेक्शन सेवाएं बंद करने की खबरें सामने आई हैं। इससे सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मुफ्त और रियायती दरों पर जांच करवाने वाले गरीब और मध्यमवर्गीय परिवार प्रभावित हो रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता एवं विधायक राकेश जम्वाल ने इस स्थिति पर कांग्रेस सरकार को घेरा है। उन्होंने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भुगतान लंबित होने के कारण जांच सेवाएं बंद होना प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इसका सीधा असर उन मरीजों पर पड़ रहा है, जो इलाज के लिए दूरदराज के क्षेत्रों से सरकारी अस्पतालों में पहुंचते हैं। जांच सेवाएं उपलब्ध नहीं होने पर उन्हें निजी प्रयोगशालाओं का रुख करना पड़ सकता है, जहां जांच करवाने के लिए अधिक खर्च करना होगा।

जम्वाल ने कहा कि आईजीएमसी शिमला सहित प्रदेश के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों में सामान्य जांच सेवाएं प्रभावित होने की खबरें हैं। कंपनी के कर्मचारियों को दो महीने से वेतन नहीं मिलने की बात भी सामने आई है। उन्होंने सरकार से लंबित भुगतान, कर्मचारियों के वेतन और जांच सेवाएं दोबारा शुरू करवाने को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में शुरू की गई स्वास्थ्य सुविधाओं को जारी रखना वर्तमान सरकार की जिम्मेदारी है। सरकारी अस्पतालों में मुफ्त और रियायती जांच की सुविधा लाखों लोगों के लिए महत्वपूर्ण है। सरकार को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे मरीजों के इलाज और जांच पर असर न पड़े।

भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि सरकार स्वास्थ्य सेवाओं के लिए भुगतान करने में विफल रही है, जबकि राजनीतिक कार्यक्रमों में सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने दिल्ली में एक नवंबर को कांग्रेस की रैली के लिए बसों, हेलीकॉप्टर और सरकारी अतिथि गृहों के इस्तेमाल पर भी जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि सरकार को सार्वजनिक धन के खर्च और रैली में इस्तेमाल किए गए संसाधनों का पूरा ब्योरा देना चाहिए।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Livevns.news Desk
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