स्कूल शिक्षा बोर्ड में विद्यार्थियों से पहले कांग्रेस नेताओं को दी जा रही प्राथमिकता :भाजपा

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स्कूल शिक्षा बोर्ड में विद्यार्थियों से पहले कांग्रेस नेताओं को दी जा रही प्राथमिकता :भाजपा


शिमला, 28 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता राकेश जमवाल ने स्कूल शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार ने शिक्षा बोर्ड जैसी शैक्षणिक संस्था को भी राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना दिया है। उन्होंने कहा कि बोर्ड अध्यक्ष राजेश शर्मा की प्राथमिकताएं सवालों के घेरे में हैं। एक ओर हजारों विद्यार्थी अपनी मूल डीएमसी और मार्कशीट मिलने का इंतजार कर रहे हैं, दूसरी ओर बोर्ड प्रशासन कांग्रेस नेताओं के स्वागत और राजनीतिक कार्यक्रमों में व्यस्त दिखाई दे रहा है।

राकेश जमवाल ने मंगलवार को कहा कि हाल ही में कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और हिमाचल मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल के स्कूल शिक्षा बोर्ड कार्यालय पहुंचने पर उनके स्वागत के लिए कर्मचारियों को लाइन में खड़ा किया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि शिक्षा बोर्ड का काम राजनीतिक नेताओं का स्वागत करना है या विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करना। उनका कहना है कि यदि बोर्ड के पास राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए समय है तो विद्यार्थियों को समय पर मूल दस्तावेज उपलब्ध कराने का काम भी प्राथमिकता से होना चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं के परिणाम घोषित हुए करीब दो महीने होने वाले हैं, लेकिन बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को अभी तक उनकी मूल मार्कशीट और डीएमसी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि कई विद्यार्थी कॉलेजों की काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया पूरी कर चुके हैं, जहां अब मूल दस्तावेज मांगे जा रहे हैं। डीएमसी और मार्कशीट नहीं मिलने के कारण विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को स्कूलों और बोर्ड कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

जमवाल ने कहा कि यदि डीएमसी की छपाई या वितरण में किसी तरह की तकनीकी या प्रशासनिक दिक्कत है तो बोर्ड प्रशासन को इसकी जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि विद्यार्थियों को उनके मूल दस्तावेज कब तक उपलब्ध कराए जाएंगे। उनके अनुसार किसी भी सार्वजनिक संस्था के लिए पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी है।

उन्होंने कहा कि स्कूल शिक्षा बोर्ड किसी राजनीतिक दल का कार्यालय नहीं है, बल्कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्था है। बोर्ड अध्यक्ष को राजनीतिक कार्यक्रमों के बजाय विद्यार्थियों की समस्याओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।

भाजपा ने मांग की है कि शिक्षा बोर्ड डीएमसी और मार्कशीट वितरण की प्रक्रिया जल्द पूरी करे, देरी के कारण सार्वजनिक करे और विद्यार्थियों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे। जमवाल ने कहा कि विद्यार्थियों का भविष्य किसी भी राजनीतिक कार्यक्रम से अधिक महत्वपूर्ण है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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