तीन दिन में पंचायत चुनाव के तीन रोस्टर जारी होना चिंताजनक : राजीव बिंदल
शिमला, 11 अप्रैल (हि.स.)। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल ने पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों से जुड़े रोस्टर में बार-बार बदलाव को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि चुनावी रोस्टर को लेकर बन रही स्थिति लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए चिंताजनक है और इससे लोगों में भ्रम पैदा हो रहा है।
डॉ. बिंदल ने शनिवार को एक बयान में कहा कि प्रदेश की जनता यह जानना चाहती है कि तीन दिनों में तीन अलग-अलग रोस्टर कैसे जारी हो रहे हैं और हर रोस्टर में आरक्षण का स्वरूप अलग-अलग क्यों दिखाई दे रहा है। उनका आरोप है कि एक दिन रोस्टर जारी होता है, अगले दिन गांवों की जनसंख्या बदलने के आधार पर नया रोस्टर जारी हो जाता है और फिर तीसरे दिन फिर से बदलाव हो जाता है। उन्होंने कहा कि इस तरह की स्थिति से लोगों का भरोसा प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि लोगों के मन में यह संदेह पैदा हो गया है कि जो रोस्टर आज जारी हुआ है, वह कुछ दिनों बाद भी वही रहेगा या नहीं। उनके मुताबिक यह स्थिति पंचायती राज और नगर निकाय चुनावों की प्रक्रिया को प्रभावित कर सकती है।
डॉ. बिंदल ने राज्य सरकार की नीतियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लोग विभिन्न मुद्दों को लेकर विरोध जता रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि चंबा, भरमौर और किन्नौर सहित कई क्षेत्रों में लोग सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर उतर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा डीजल पर पहले 10 रुपये 40 पैसे प्रति लीटर वैट लगाए जाने से जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है और अब 5 रुपये प्रति लीटर सेस लगाने की तैयारी की बात सामने आ रही है। उनका कहना है कि इससे परिवहन, महंगाई और रोजमर्रा के सामानों की कीमतों पर असर पड़ सकता है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने यह भी कहा कि सीमेंट के दामों में बढ़ोतरी, स्टांप शुल्क में वृद्धि, हिमाचल पथ परिवहन निगम के किराए में बढ़ोतरी और पानी-बिजली के बिलों में इजाफे से आम लोगों पर आर्थिक दबाव बढ़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राशन डिपो में भी कीमतें बढ़ने से लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं।
डॉ. बिंदल ने एंट्री टैक्स के मुद्दे पर भी सरकार को घेरते हुए कहा कि इससे प्रदेश की छवि पर असर पड़ा है और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

