कांग्रेस सरकार ने फ्यूल चार्ज लगाकर बिजली उपभोक्ताओं पर बढ़ाया आर्थिक बोझ : भाजपा
शिमला, 25 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं पर लगाए गए फ्यूल चार्ज को लेकर विपक्षी दल भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है। भाजपा के प्रदेश वरिष्ठ प्रवक्ता और विधायक त्रिलोक जमवाल ने आरोप लगाया है कि कांग्रेस सरकार ने एक बार फिर प्रदेश की जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल दिया है। उनका कहना है कि सरकार ने बिजली बिलों में फ्यूल चार्ज जोड़कर उपभोक्ताओं से अतिरिक्त राशि वसूलने का फैसला किया है, जो जनहित के खिलाफ है।
त्रिलोक जमवाल ने वीरवार को शिमला में कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस ने प्रदेश के 28 लाख परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का वादा किया था और इसे अपनी प्रमुख गारंटियों में शामिल किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार बनने के बाद कांग्रेस अपने इस वादे को पूरा नहीं कर सकी। उनके अनुसार, मुफ्त बिजली देने के बजाय सरकार ने पहले बिजली पर मिलने वाली सब्सिडी में कटौती की और अब लगातार नए शुल्क और टैक्स लगाए जा रहे हैं।
भाजपा नेता ने कहा कि पहले बिजली मीटरों की क्लबिंग और केवाईसी प्रक्रिया लागू की गई, जिससे कई उपभोक्ताओं को मिल रही 125 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ प्रभावित हुआ। इसके बाद बिजली बिलों में मिल्क सेस, पर्यावरण शुल्क और स्वच्छता शुल्क जोड़े गए। अब फ्यूल चार्ज लागू कर उपभोक्ताओं पर एक और अतिरिक्त बोझ डाल दिया गया है।
उनका दावा है कि 30 मई से लागू इस व्यवस्था के तहत 200 यूनिट बिजली खर्च करने वाले उपभोक्ताओं को भी अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है।
जमवाल ने कहा कि सरकार के इन फैसलों का असर प्रदेश के लाखों बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय राहत देने के वादे करने वाली सरकार अब जनता से अतिरिक्त वसूली कर रही है, जिससे आम परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हो रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से फ्यूल चार्ज सहित बिजली बिलों में लगाए गए अन्य अतिरिक्त शुल्कों की समीक्षा करने और इन्हें वापस लेने की मांग की है। साथ ही कहा कि भाजपा जनता के हितों से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी और ऐसे फैसलों का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

