जेपी नड्डा पर टिप्पणी को लेकर भाजपा ने राजस्व मंत्री नेगी को दी सार्वजनिक घेराव की चेतावनी

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शिमला, 24 जुलाई (हि.स.)। केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा पर राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की टिप्पणी को लेकर भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि राजस्व मंत्री की ओर से इस तरह की बयानबाजी बंद नहीं हुई तो भाजपा उनका सार्वजनिक घेराव करेगी।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने शुक्रवार को शिमला में पत्रकार वार्ता के दौरान राज्य सरकार की रोजगार नीति, भर्ती प्रक्रिया, छात्र आंदोलनों और राष्ट्रीय स्तर के मुद्दों पर भी कांग्रेस को निशाने पर लिया।

संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी अपनी पार्टी की आंतरिक राजनीति और नाराजगी भाजपा के शीर्ष नेतृत्व पर निकाल रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति को इस तरह की भाषा और बयान देने से बचना चाहिए।

उनका कहना था कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो भाजपा पूरे प्रदेश में उनके खिलाफ सार्वजनिक घेराव करेगी। उन्होंने कांग्रेस सरकार से यह भी पूछा कि विधानसभा चुनाव के दौरान युवाओं को एक लाख नौकरियां देने और कर्मचारियों को 58 वर्ष की आयु में पक्की नौकरी देने जैसी गारंटियों का क्या हुआ।

भाजपा प्रवक्ता ने राज्य सरकार पर भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार रोजगार देने में तय प्रक्रिया और प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रही है। उनका आरोप था कि विधानसभा और अन्य विभागों में नियुक्तियों के दौरान अपने क्षेत्र के लोगों और रिश्तेदारों को प्राथमिकता दी जा रही है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने अपने परिवार, रिश्तेदारों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नौकरी दी है। भाजपा ने इन आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग भी की।

पत्रकार वार्ता के दौरान संदीपनी भारद्वाज ने नीट पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलन का विपक्षी दल राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं के भविष्य को लेकर गंभीर है और जहां भी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ी या पेपर लीक के मामले सामने आए, वहां जांच कराई गई और दोषियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देना संवैधानिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है और यह केवल राजनीतिक लोकप्रियता हासिल करने का प्रयास है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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