बांग्लादेश के घटनाक्रम पर राहुल गांधी चुप क्यों, कांग्रेस जवाब दे : सीमा ठाकुर
शिमला, 16 अक्टूबर (हि.स.)। भाजपा की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. सीमा ठाकुर ने बांग्लादेश के हिंसक घटनाक्रम को लेकर जेएनयू की छात्रा और आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा वोहरा के कथित बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को बताना चाहिए कि वह भारत में किस तरह की राजनीतिक व्यवस्था चाहती है और क्या वह हिंसा से जुड़े आंदोलनों को आदर्श मानती है।
डॉ. सीमा ठाकुर ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि 14 अक्टूबर को बांग्लादेश के सोशलिस्ट स्टूडेंट्स फ्रंट के सम्मेलन के लिए जारी वीडियो संदेश में नेहा वोहरा ने कथित तौर पर कहा कि बांग्लादेश के जेन-जी आंदोलन ने उन्हें रास्ता दिखाया और उन्होंने आंदोलनकारियों को लाल सलाम भेजा। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा इन विचारों से सहमत हैं। उनके अनुसार कांग्रेस नेतृत्व को इस पर सार्वजनिक रूप से अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
हिंसा और संवैधानिक विरोध में अंतर
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि वर्ष 2024 में बांग्लादेश में हुए घटनाक्रम के दौरान हिंसा, मौतों और अल्पसंख्यकों पर हमलों की खबरें सामने आई थीं। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के आकलन का हवाला देते हुए कहा कि उस दौरान करीब 1,400 लोगों की मौत हुई हो सकती है। उन्होंने ऐसे घटनाक्रम को युवाओं के सामने आदर्श के रूप में पेश करने पर चिंता जताई।
सीमा ठाकुर ने कहा कि राजनीतिक प्रतिरोध और अराजकता में अंतर है। भारत में सत्ता परिवर्तन जनता के जनादेश और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से होता है। उन्होंने दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों में नेहा वोहरा की भागीदारी और राहुल गांधी तथा प्रियंका गांधी की मौजूदगी को लेकर भी कांग्रेस से जवाब मांगा। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग पर आरोप लगाने के लिए ठोस प्रमाण सामने रखे जाने चाहिए।
उन्होंने प्रशांत भूषण से जुड़े कथित हिंसात्मक बयान का उल्लेख करते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में हिंसा का समर्थन स्वीकार्य नहीं है। ऐसे बयानों की प्रामाणिकता की जांच होनी चाहिए।
सीमा ठाकुर ने कांग्रेस से तीन मुद्दों पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा। इनमें बांग्लादेश के हिंसक घटनाक्रम को आदर्श मानने, नेहा वोहरा के कथित बयान से सहमति और शांतिपूर्ण तथा संवैधानिक विरोध के प्रति प्रतिबद्धता शामिल है। उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक विरोध का सम्मान करती है, लेकिन हिंसा और अराजकता का समर्थन नहीं करती।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

