कांग्रेस सत्ता का सेमीफाइनल हार चुकी, अब फाइनल खेलने की स्थिति में नहीं: रणधीर शर्मा

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कांग्रेस सत्ता का सेमीफाइनल हार चुकी, अब फाइनल खेलने की स्थिति में नहीं: रणधीर शर्मा


शिमला, 03 जून (हि.स.)। भाजपा प्रदेश मीडिया प्रभारी रणधीर शर्मा ने पंचायती राज संस्थाओं और शहरी निकाय चुनावों के परिणामों को कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता का स्पष्ट जनादेश बताते हुए मुख्यमंत्री से नैतिक आधार पर इस्तीफा देने और विधानसभा चुनावों का मार्ग प्रशस्त करने की मांग की है।

बुधवार को शिमला में रणधीर शर्मा ने कहा कि इन चुनाव परिणामों ने प्रदेश की राजनीतिक दिशा स्पष्ट कर दी है। जनता ने कांग्रेस सरकार की नीतियों, वादाखिलाफी और कथित विफलताओं को नकारते हुए भाजपा समर्थित उम्मीदवारों के पक्ष में अभूतपूर्व समर्थन दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार विभिन्न प्रशासनिक कारणों का हवाला देकर चुनाव टालने का प्रयास करती रही, लेकिन न्यायालय के हस्तक्षेप के बाद चुनाव करवाने पड़े और जनता ने अपना फैसला सुना दिया।

उन्होंने दावा किया कि चार नगर निगमों में हुए चुनावों में मंडी, धर्मशाला और सोलन नगर निगमों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों को स्पष्ट बहुमत मिला। इसके अलावा नगर परिषदों और नगर पंचायतों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने उल्लेखनीय सफलता हासिल की है।

रणधीर शर्मा के अनुसार जिला परिषद चुनावों में भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 250 में से 144 वार्डों में जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस 60 सीटों तक सीमित रही। उन्होंने कहा कि बिलासपुर में कांग्रेस खाता तक नहीं खोल सकी और कई जिलों में उसका प्रदर्शन बेहद कमजोर रहा। पंचायत समिति (बीडीसी) चुनावों में भी भाजपा समर्थित उम्मीदवारों ने 1769 में से 1109 वार्डों में जीत हासिल की।

उन्होंने कहा कि यह केवल चुनावी जीत नहीं, बल्कि कांग्रेस सरकार के खिलाफ जनता द्वारा व्यक्त किया गया अविश्वास है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनावों के दौरान महिलाओं, युवाओं, किसानों और आम जनता से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन तीन वर्षों बाद भी अधिकांश घोषणाएं धरातल पर नहीं उतर सकीं। इसी कारण जनता ने कांग्रेस के दावों और वादों को नकार दिया।

रणधीर शर्मा ने कांग्रेस के भीतर चल रही गुटबाजी को भी उसकी हार का कारण बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अपने नेता आंतरिक कलह को हार की वजह मान रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान भाजपा समर्थित उम्मीदवारों पर कई स्थानों पर प्रशासनिक दबाव बनाया गया, लेकिन जनता ने इन प्रयासों को विफल कर दिया।

उन्होंने कहा कि यह चुनाव सत्ता का “सेमीफाइनल” था, जिसमें कांग्रेस बुरी तरह पराजित हुई है। अब जनता आने वाले विधानसभा चुनावों में भी कांग्रेस को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाने का मन बना चुकी है।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

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