प्रदेश सरकार की लापरवाही से अटका पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ एनएच: सांसद सुरेश कश्यप

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प्रदेश सरकार की लापरवाही से अटका पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ एनएच: सांसद सुरेश कश्यप


शिमला, 16 अप्रैल (हि.स.)। भाजपा सांसद सुरेश कश्यप ने पिंजौर-बद्दी-नालागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच-105) के निर्माण कार्य में देरी के लिए प्रदेश की कांग्रेस सरकार को निशाना साधा है। उन्होंने गुरूवार को एक बयान में कहा कि यह परियोजना प्रदेश के औद्योगिक और आर्थिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन राज्य सरकार की लापरवाही के कारण इसका काम प्रभावित हुआ है।

सांसद कश्यप ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लोकसभा में नियम 377 के तहत उठाया था। इसके बाद मिनिस्ट्री ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड हाईवेज़ की ओर से उन्हें परियोजना से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी गई। इस जानकारी के अनुसार, नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) को परियोजना से जुड़े ठेकेदार के साथ किया गया अनुबंध समाप्त करना पड़ा, क्योंकि काम में लगातार बाधाएं आ रही थीं।

सुरेश कश्यप का कहना है कि परियोजना के लिए समय पर भूमि उपलब्ध नहीं कराई जा सकी, जिसके कारण निर्माण कार्य आगे नहीं बढ़ पाया और अंततः ठेकेदार को काम छोड़ना पड़ा। उन्होंने इसे प्रदेश सरकार की प्रशासनिक विफलता बताया और कहा कि इसका असर प्रदेश की जनता और उद्योगों पर पड़ रहा है।

उन्होंने यह भी कहा कि भूमि अधिग्रहण में देरी, जरूरी अनुमतियों में विलंब और विभागों के बीच समन्वय की कमी परियोजना में देरी के मुख्य कारण रहे। उनके अनुसार मार्च 2025 तक भी परियोजना के लिए पूरी भूमि का हस्तांतरण नहीं हो पाया था, जिससे काम तय समय पर शुरू नहीं हो सका।

सांसद कश्यप ने बताया कि हरियाणा में खनन विभाग से मिट्टी उठाने की अनुमति मिलने में भी करीब एक साल की देरी हुई। इसके अलावा उच्च वोल्टेज बिजली लाइनों को शिफ्ट करने में देरी और वर्ष 2023 की भारी बारिश जैसी परिस्थितियों ने भी निर्माण कार्य की गति को प्रभावित किया। हालांकि उन्होंने कहा कि इन सबके बीच सबसे बड़ी जिम्मेदारी प्रदेश सरकार की बनती है।

उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उनके अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण के लिए नई निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और सड़क के रख-रखाव के लिए दो संचालन एवं रख-रखाव एजेंसियों को भी तैनात किया गया है, ताकि सड़क की स्थिति बेहतर बनाई जा सके।

सांसद ने बताया कि इस राष्ट्रीय राजमार्ग की कुल लंबाई करीब 30.300 किलोमीटर है, जिसमें से लगभग 17 किलोमीटर हिस्सा हिमाचल प्रदेश में आता है। उनके मुताबिक यह सड़क क्षेत्र के उद्योगों, व्यापार और आम लोगों के लिए महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है।

उन्होंने प्रदेश सरकार पर यह आरोप भी लगाया कि वह विकास कार्यों में तेजी लाने के बजाय केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रही है। उनका कहना है कि परियोजना में देरी से क्षेत्र के विकास पर असर पड़ा है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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