सुक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों से जनता त्रस्त: प्रोफेसर सिकंदर कुमार
शिमला, 17 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर निशाना साधते हुए सांसद व प्रदेश भाजपा महामंत्री प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने कहा है कि सुक्खू सरकार की जनविरोधी नीतियों से प्रदेश की जनता त्रस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार चुनाव के दौरान दी गई गारंटियों को पूरा करने में विफल रही है और गलत नीतियों के कारण प्रदेश आर्थिक बदहाली तथा प्रशासनिक अव्यवस्था के दौर से गुजर रहा है।
बिलासपुर जिले के घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में बुधवार को आयोजित जनसंपर्क अभियान के दौरान प्रोफेसर सिकंदर कुमार ने यह बात कही। इस अभियान में पूर्व मंत्री राजेंद्र गर्ग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान भाजपा नेताओं ने लोगों से संवाद कर केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी साझा की।
सिकंदर कुमार ने कहा कि प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार धीमी पड़ गई है और सरकार रोजगार के अवसर बढ़ाने के बजाय जनहित से जुड़े संस्थानों को बंद कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार की नीतियों का असर आम लोगों पर पड़ रहा है और जनता में सरकार के प्रति असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि जनसंपर्क अभियान के दौरान लोगों ने केंद्र सरकार की कई योजनाओं की सराहना की। उनके अनुसार आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और एम्स बिलासपुर जैसी परियोजनाओं से लोगों को सीधा लाभ मिला है। उन्होंने दावा किया कि स्थानीय लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताते हुए केंद्र सरकार की नीतियों का समर्थन किया।
सांसद ने कहा कि भाजपा का मानना है कि देश और प्रदेश का विकास सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याणकारी नीतियों से ही संभव है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले 12 वर्षों में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य, किसानों और गरीब वर्ग के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनका लाभ देशभर के लोगों तक पहुंचा है।
कार्यक्रम के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, महिलाओं और युवाओं ने भी भाग लिया। भाजपा नेताओं ने केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने और आगामी समय में भी जनसंपर्क अभियान जारी रखने की बात कही।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

