धर्मशाला, मंडी और सोलन में भाजपा के मेयर बनने से कांग्रेस के दावों की पोल खुली: राजीव बिंदल
शिमला, 03 जुलाई (हि.स.)। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव बिंदल ने कहा है कि धर्मशाला, मंडी और सोलन नगर निगमों में भाजपा के मेयर और डिप्टी मेयर चुने जाने के बाद कांग्रेस के उन दावों की सच्चाई सामने आ गई है, जिनमें नगर निकाय और पंचायतीराज चुनावों में जनता का समर्थन मिलने की बात कही जा रही थी। उन्होंने कहा कि इन नतीजों से साफ है कि प्रदेश की जनता ने भाजपा पर भरोसा जताया है और कांग्रेस सरकार को जवाब दिया है।
राजीव बिंदल ने शुक्रवार को कहा कि 17 मई को नगर निकाय और नगर निगम चुनाव हुए थे, जबकि 26, 28 और 30 मई को जिला परिषद, बीडीसी और पंचायत चुनाव कराए गए। उनका दावा है कि इन चुनावों में भाजपा को दो-तिहाई बहुमत के साथ जीत मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली सरकार शुरू से इन चुनावों के पक्ष में नहीं थी और मामला सर्वोच्च न्यायालय पहुंचने के बाद चुनाव कराने पड़े। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव के बाद करीब डेढ़ महीने तक मेयर, डिप्टी मेयर, चेयरमैन और वाइस चेयरमैन के चुनाव जानबूझकर टाले गए और उन्हें प्रभावित करने की कोशिश की गई।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि सोलन नगर निगम में कांग्रेस सरकार ने लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन नहीं किया। उनके अनुसार, पार्षदों के चुने जाने के करीब एक महीने बाद तक उन्हें शपथ नहीं दिलाई गई। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद नियमों में बदलाव किया गया, जबकि चुनाव अधिसूचना जारी होने के बाद नियमों और अधिनियमों में संशोधन लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं माना जाता।
बिंदल ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2024 में नियमों में बदलाव कर धर्मशाला, पालमपुर और मंडी नगर निगम के चुनाव कराए थे। उनका आरोप है कि जब सोलन में भाजपा की जीत की संभावना बढ़ी तो दो जून को होने वाले चुनाव से एक दिन पहले, एक जून की रात को अधिसूचना बदल दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कदम राजनीतिक दबाव और कथित हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए जनादेश को प्रभावित करने के उद्देश्य से उठाया गया।
उन्होंने दावा किया कि सरकार के सभी प्रयासों के बाद भी भाजपा के 10 पार्षद चुने गए और पार्टी ने स्पष्ट बहुमत के आधार पर मेयर और डिप्टी मेयर दोनों पदों पर जीत दर्ज की। उनके अनुसार, यह नतीजा सोलन की जनता के विश्वास और कांग्रेस सरकार की नीतियों के खिलाफ जनादेश को दिखाता है।
राजीव बिंदल ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू और स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने सोलन नगर निगम पर राजनीतिक नियंत्रण हासिल करने के लिए लगातार अलग-अलग तरीके अपनाए, लेकिन जनता ने उन्हें सफल नहीं होने दिया।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार ने पूरे चुनावी दौर में लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने, नियमों में मनमाने बदलाव करने और प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि धर्मशाला, मंडी और सोलन के नतीजे यह संदेश देते हैं कि प्रदेश की जनता कांग्रेस सरकार के कामकाज से निराश है और भाजपा की नीतियों तथा नेतृत्व पर भरोसा जता रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

