हिमाचल में चुनाव से पहले गरमाई सियासत, चार्जशीट और श्वेत पत्र से आमने-सामने कांग्रेस-भाजपा

WhatsApp Channel Join Now
हिमाचल में चुनाव से पहले गरमाई सियासत, चार्जशीट और श्वेत पत्र से आमने-सामने कांग्रेस-भाजपा


शिमला, 09 अगस्त (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से करीब एक साल पहले सियासी लड़ाई तेज होने लगी है। सत्तारूढ़ कांग्रेस और विपक्षी दल भाजपा के बीच अब विकास और सरकार के कामकाज से आगे बढ़कर आरोपों, जांच और पुराने मामलों को लेकर घमासान की जमीन तैयार हो रही है। भाजपा ने सुक्खू सरकार के खिलाफ आरोपों की चार्जशीट तैयार करने का फैसला किया है। इसके लिए बाकायदा वरिष्ठ नेताओं की टीम गठित की गई है। भाजपा का दावा है कि चार्जशीट में कांग्रेस नेताओं की कारगुजारियों की पोल खोली जाएगी। इसके जवाब में कांग्रेस पिछली भाजपा शासित जयराम ठाकुर सरकार के पांच साल के कार्यकाल को लेकर श्वेत पत्र लाने की तैयारी में है। यानी चुनावी मैदान सजने से पहले ही दोनों दल एक-दूसरे के शासन का हिसाब जनता के सामने रखने में जुट गए हैं।

हिमाचल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन के साथ पुरानी फाइलें खुलने और नई जांच शुरू होने का सिलसिला पहले भी देखा गया है। हालांकि, वर्ष 1985 के बाद राज्य में कोई भी सरकार लगातार दूसरी बार सत्ता में नहीं लौट पाई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के सामने इस राजनीतिक परंपरा को बदलने की चुनौती है। दूसरी ओर भाजपा सत्ता में वापसी के लिए सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में जुट गई है। ऐसे में अगले कुछ महीनों में दोनों दलों के बीच सियासी टकराव और बढ़ने के संकेत हैं। 21 अगस्त से शुरू होने जा रहे विधानसभा के 10 दिवसीय मॉनसून सत्र में दोनों दलों के बीच हंगामा देखने को मिल सकता है।

भाजपा ने 15 जुलाई को प्रदेश सरकार के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने के लिए समिति गठित की थी। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल की अध्यक्षता वाली इस कवायद में पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के साथ सांसदों, विधायकों और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को भी शामिल किया गया है। समिति सरकार से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं, अधूरे वादों, नाकामियों और जनहित के खिलाफ लिए गए फैसलों से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। भाजपा का दावा है कि वह इन मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगेगी और उन्हें चुनाव में जनता के बीच ले जाएगी।

दूसरी तरफ, कांग्रेस ने भाजपा की इस तैयारी को देखते हुए पलटवार की रणनीति बनाई है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने पिछली भाजपा सरकार के पांच साल के कार्यकाल को लेकर श्वेत पत्र तैयार करने की घोषणा की है। इसके लिए अगली कैबिनेट बैठक में समिति गठित की जाएगी। कांग्रेस का कहना है कि पिछली सरकार के दौरान लिए गए फैसलों और कथित अनियमितताओं का पूरा ब्योरा जनता के सामने रखा जाएगा।

हिमाचल में चार्जशीट की राजनीति का पुराना इतिहास रहा है। विपक्ष में बैठी पार्टी अक्सर सत्ता में रहने वाली सरकार के खिलाफ आरोपों की सूची तैयार करती रही है। सरकार बदलने के बाद कई मामलों में जांच शुरू हुई और इसी के साथ राजनीतिक बदले के आरोप भी लगते रहे हैं। वर्ष 1998 से 2017 के बीच वीरभद्र सिंह और प्रेम कुमार धूमल के मुख्यमंत्रित्व काल में भी इस तरह की सियासत देखने को मिली थी।

इन सरकारों के कार्यकाल में कई नेताओं के खिलाफ मामले दर्ज हुए। इनमें हमीरपुर के मौजूदा सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के बेटे अनुराग ठाकुर का नाम भी रहा। धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के निर्माण से जुड़े मामलों को लेकर उनके खिलाफ छह मामले दर्ज किए गए थे।

वर्ष 2017 में जयराम ठाकुर के मुख्यमंत्री बनने के बाद भाजपा ने चार्जशीट के जरिए राजनीतिक विरोधियों को घेरने की पुरानी परंपरा से दूरी बनाने का दावा किया था। जयराम ठाकुर ने इसे अपनी सरकार की अलग कार्यशैली के रूप में पेश किया था।

अब सत्ता बदलने के बाद 3 साल तक भाजपा ने कांग्रेस की सुक्खू सरकार के खिलाफ चार्जशीट तैयार नहीं की। लेकिन अब वही चार्जशीट की सियासत फिर लौटती दिख रही है। भाजपा का आरोप है कि कांग्रेस सरकार राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए जांच और मुकदमों का सहारा ले रही है। पार्टी ने प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदल, धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा, हमीरपुर के विधायक आशीष शर्मा, पूर्व देहरा विधायक होशियार सिंह और राजेंद्र राणा समेत कई नेताओं के खिलाफ दर्ज मामलों को राजनीतिक कार्रवाई से जोड़कर सवाल उठाए हैं।

इसी मुद्दे पर भाजपा ने हाल ही में शिमला में जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री के सरकारी आवास की ओर मार्च करने की कोशिश की। धर्मशाला के विधायक सुधीर शर्मा ने मुख्यमंत्री पर जांच एजेंसियों के इस्तेमाल के जरिए भाजपा नेताओं को निशाना बनाने का आरोप लगाया। भाजपा ने अधिकारियों को भी चेतावनी दी है कि वे उसके नेताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करने से बचें। पार्टी नेताओं ने कहा कि सत्ता में लौटने के बाद ऐसे मामलों में जिम्मेदारी तय की जाएगी।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

Share this story