कांग्रेस सरकार के चार साल भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और जनविरोधी नीतियों के नाम रहे : डा बिंदल
नाहन, 13 अक्टूबर (हि.स.)।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन विधानसभा क्षेत्र की कार्यशाला को संबोधित करते हुए प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में कांग्रेस सरकार के लगभग चार वर्ष हिमाचल प्रदेश की जनता के लिए भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद, माफिया राज, आर्थिक बदहाली और जनविरोधी नीतियों के वर्ष साबित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने हिमाचल को विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने के बजाय कर्ज, करों के बोझ और प्रशासनिक अव्यवस्था के दलदल में धकेल दिया है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने प्रदेश की गरीब और मध्यमवर्गीय जनता पर दोहरी मार की है। एक ओर डीजल, सीमेंट, बिजली, परिवहन किराये, स्टाम्प ड्यूटी और विभिन्न सरकारी सेवाओं का आर्थिक बोझ बढ़ाया गया, वहीं दूसरी ओर माफिया गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण न होने से प्रदेश के संसाधनों को नुकसान पहुंचने के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिस सरकार को गरीबों को राहत देनी चाहिए थी, उसी सरकार ने आम आदमी के घर का बजट बिगाड़ दिया है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि प्रदेश में स्थिति ऐसी बन चुकी है कि जनता के लिए न पर्याप्त पढ़ाई की व्यवस्था है, न समय पर दवाई, न रोजगार के पर्याप्त अवसर और न ही कांग्रेस की चुनावी गारंटियों का पूरा लाभ। दूसरी ओर बिजली के बढ़ते बिल, महंगी सेवाएं और नशे का फैलता जाल परिवारों की चिंता बढ़ा रहा है।डॉ. बिंदल ने महिला मोर्चा द्वारा प्रदेशभर में किए गए विरोध-प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के विषय पर कांग्रेस नेतृत्व को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
डॉ. बिंदल ने कहा कि भाजपा महिला मोर्चा के प्रदर्शनों के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद अंगोमचा बिमोल अकोइजम के पुतले फूंके गए। प्रदर्शनकारी महिलाओं में कांग्रेस नेतृत्व के प्रति भारी आक्रोश दिखाई दिया। महिला कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए निष्पक्ष जांच, शिकायतकर्ताओं की सुरक्षा और कांग्रेस नेतृत्व से जवाबदेही की मांग की।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान पर भाषण देना आसान है, लेकिन अपनी ही पार्टी के किसी सांसद पर गंभीर आरोप सामने आने पर जवाबदेही सुनिश्चित करना नेतृत्व की वास्तविक परीक्षा होती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि आरोपों की निष्पक्ष कानूनी जांच होनी चाहिए और दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू और कांग्रेस नेता अपनी सरकार की विफलताओं का जवाब देने के बजाय सड़कों पर नारेबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में समय व्यतीत कर रहे हैं। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि कांग्रेस सरकार ने चार वर्षों में रोजगार, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और आर्थिक सुधार के क्षेत्र में वास्तव में क्या उपलब्धियां हासिल की हैं।
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार को यह भ्रम छोड़ देना चाहिए कि जनता बार-बार खोखले वादों और राजनीतिक घोषणाओं पर विश्वास कर लेगी। हिमाचल की जनता जागरूक है और अपने साथ हुई वादाखिलाफी का हिसाब मांग रही है।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

