महिला आयोग को कांग्रेस का राजनीतिक मंच बनाना शर्मनाक : डेज़ी ठाकुर
शिमला, 06 जनवरी (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश महिला आयोग की पूर्व अध्यक्षा एवं भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष डेज़ी ठाकुर ने महिला आयोग की वर्तमान अध्यक्षा विद्या नेगी के आचरण पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा है कि वह संवैधानिक पद की गरिमा को तार-तार कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आयोग जैसे संवेदनशील और संवैधानिक संस्थान को कांग्रेस पार्टी का राजनीतिक मंच बनाया जा रहा है, जो अत्यंत शर्मनाक है।
डेज़ी ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला में एक बेटी की दर्दनाक मौत, जिसे रैगिंग से जोड़ा जा रहा है, पूरे प्रदेश और देश के लिए गहरा आघात है। ऐसे संवेदनशील और पीड़ादायक मामले में राजनीति करना अमानवीय है और महिला आयोग की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि जहां पूरा समाज पीड़ित परिवार के दुख में सहभागी है, वहीं महिला आयोग की अध्यक्षा इस दुख को भी राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल कर रही हैं।
उन्होंने ऑल इंडिया महिला कांग्रेस के एक्स (X) अकाउंट से साझा की गई उस तस्वीर पर भी सवाल उठाए, जिसमें पीड़िता के परिवार से मिलने का दावा किया गया है। डेज़ी ठाकुर ने कहा कि मीडिया द्वारा इस फोटो को झूठा और भ्रामक बताया जाना बेहद गंभीर विषय है। यदि वास्तव में संवेदना होती, तो पहले पीड़ित परिवार से मिलकर उनका दुख साझा किया जाता, न कि जल्दबाज़ी में सोशल मीडिया पर फोटो डालकर राजनीतिक संदेश देने का प्रयास किया जाता।
डेज़ी ठाकुर ने कहा कि महिला आयोग कोई राजनीतिक अखाड़ा नहीं, बल्कि एक संवैधानिक संस्था है, जिसका उद्देश्य पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाना है, न कि किसी राजनीतिक दल का प्रचार करना। पूर्व महिला आयोग अध्यक्षा होने के नाते उन्होंने कहा कि इस पद पर रहते हुए दलगत राजनीति से ऊपर उठकर निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करना संवैधानिक दायित्व होता है, जिसे वर्तमान अध्यक्षा भूल चुकी हैं।
डेज़ी ठाकुर ने मांग की कि विद्या नेगी इस पूरे प्रकरण पर सार्वजनिक रूप से स्थिति स्पष्ट करें और प्रदेश की जनता तथा पीड़ित परिवार से माफी मांगें। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि महिला आयोग को राजनीतिक उपकरण की तरह इस्तेमाल करना बंद नहीं किया गया, तो भाजपा महिला मोर्चा इस मुद्दे को प्रदेशभर में उठाने से पीछे नहीं हटेगा।
---------------
हिन्दुस्थान समाचार / सुनील शुक्ला

