आरएसएस राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा की पाठशाला, कांग्रेस के आरोप निराधार :: बिंदल

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आरएसएस राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा की पाठशाला, कांग्रेस के आरोप निराधार :: बिंदल


आरएसएस राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और निःस्वार्थ सेवा की पाठशाला, कांग्रेस के आरोप निराधार :: बिंदल


शिमला, 17 अगस्त (हि.स.)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) को लेकर कांग्रेस नेताओं की ओर से की जा रही टिप्पणियों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कांग्रेस नेताओं के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, सामाजिक समरसता और निःस्वार्थ सेवा की भावना से काम करने वाला संगठन है। उन्होंने कांग्रेस के आरोपों को वैचारिक हताशा का परिणाम बताया।

सोमवार को डॉ. बिंदल ने कहा कि जब कांग्रेस सरकार जनता से जुड़े मुद्दों, बेरोजगारी और अन्य समस्याओं पर संतोषजनक जवाब नहीं दे पाती, तब वह आरएसएस पर आरोप लगाकर राजनीतिक बहस को दूसरी दिशा में ले जाने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि संघ के स्वयंसेवक दशकों से समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में लगे हुए हैं और विभिन्न परिस्थितियों में लोगों की मदद के लिए आगे आते रहे हैं।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं, सामाजिक संकटों और अन्य कठिन परिस्थितियों में संघ के स्वयंसेवकों ने लगातार सेवा कार्य किए हैं। उनके अनुसार संघ का कार्य किसी राजनीतिक लाभ या प्रचार के उद्देश्य से नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की सेवा की भावना से होता है।

शिक्षण संस्थानों में संघ से जुड़े लोगों की नियुक्तियों को लेकर लगाए जा रहे आरोपों का उल्लेख करते हुए डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस नेताओं को अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य सार्वजनिक करने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में वर्तमान समय में कांग्रेस की सरकार है और यदि किसी नियुक्ति में नियमों के उल्लंघन की आशंका है तो सरकार निष्पक्ष जांच करवा सकती है। उन्होंने कहा कि केवल किसी संगठन का नाम लेकर आरोप लगाना पर्याप्त नहीं माना जा सकता।

डॉ. बिंदल ने कहा कि किसी शिक्षक, कर्मचारी या अन्य व्यक्ति का मूल्यांकन उसकी योग्यता, मेरिट, कार्यशैली और भर्ती प्रक्रिया के आधार पर होना चाहिए। किसी व्यक्ति को उसकी कथित वैचारिक सोच या किसी सामाजिक संगठन से जुड़ाव के आधार पर निशाना बनाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी नागरिकों को अपने विचार रखने और सामाजिक संगठनों से जुड़ने का अधिकार है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को किसी राजनीतिक दल से राष्ट्रभक्ति का प्रमाणपत्र लेने की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार संघ का योगदान देश के सामने है और वह लंबे समय से सामाजिक और राष्ट्रीय गतिविधियों में अपनी भूमिका निभाता रहा है।

डॉ. बिंदल ने कांग्रेस सरकार से यह भी पूछा कि प्रदेश में युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को भरने के लिए सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जनता इन मुद्दों पर जवाब चाहती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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