सिरमौर : ‘भार मुक्ति प्रमाण पत्र’ न मिलने पर किसानों में रोष, आंदोलन की चेतावनी
नाहन, 20 फ़रवरी (हि.स.)। सिरमौर जिले में किसानों को “भार मुक्ति प्रमाण पत्र” जारी न किए जाने से असंतोष बढ़ता जा रहा है। किसानों का कहना है कि यह प्रमाण पत्र भूमि संबंधी कार्यों, बैंक ऋण, फसल ऋण और अन्य राजस्व प्रक्रियाओं के लिए अनिवार्य होता है, लेकिन लंबे समय से यह जारी नहीं हो रहा है। इसके कारण कई किसानों के जरूरी काम अटक गए हैं और उन्हें प्रशासनिक उदासीनता का सामना करना पड़ रहा है।
उधर पटवारी-कानूनगो संघ का कहना है कि इस मामले में यूनियन की ओर से मांग पत्र दिया गया है, इसलिए फिलहाल प्रमाण पत्र जारी नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि किसानों का सवाल है कि यदि सरकारी कर्मचारी यूनियन की मांगों का हवाला देकर जनता के काम रोक देंगे तो आम लोग अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कहाँ जाएँगे।
इस मुद्दे पर हिमाचल किसान सभा के जिला महासचिव राजेंद्र ठाकुर ने प्रेस वार्ता में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि पटवारी-कानूनगो संघ की कोई जायज मांग है तो प्रशासन को उस पर विचार करना चाहिए, लेकिन इसके लिए किसानों को परेशान करना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं किया जाएगा।
राजेंद्र ठाकुर ने प्रशासन से स्पष्ट जवाब माँगा कि किसानों को उनके वैध अधिकारों से आखिर क्यों वंचित किया जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही किसानों को भार मुक्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किए गए तो संगठन को मजबूरन व्यापक आंदोलन शुरू करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि किसान पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और ऐसे समय में राजस्व विभाग की यह कार्यशैली किसानों के साथ अन्याय है। किसानों ने प्रशासन से जल्द समाधान निकालने और प्रमाण पत्र जारी करने की मांग की है, ताकि उनके लंबित कार्य पूरे हो सकें।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

