माजरा के बीईईओ रामपाल को मिलेगा राष्ट्रीय स्तर का पुरस्कार
नाहन, 30 अगस्त (हि.स.)। सिरमौर जिला के शिक्षा खंड माजरा के खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी (बीईईओ) रामपाल को शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और बेहतर प्रशासनिक सेवाओं के लिए राष्ट्रीय स्तर के पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश से इस राष्ट्रीय सम्मान के लिए शिक्षा निदेशालय द्वारा कुल 10 नाम भेजे गए थे, जिनमें रामपाल का एकमात्र बीईईओ के रूप में चयन हुआ है।
राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान, नई दिल्ली की ओर से यह पुरस्कार आगामी 2 और 3 सितंबर को प्रदान किया जाएगा। 2 सितंबर को अवॉर्ड प्रेजेंटेशन आयोजित होगी, जबकि 3 सितंबर को चयनित प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।
रामपाल के चयन की प्रक्रिया पिछले वर्ष अगस्त 2025 में शुरू हुई थी। इसके तहत सबसे पहले 40 प्रश्नों का ऑनलाइन जवाब देने के साथ बायोडाटा प्रेषित किया गया। इसके बाद दिसंबर 2025 में 10 से 12 पृष्ठों की पीपीटी तैयार कर साझा की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अपने नवाचार को चित्रों सहित प्रस्तुत किया गया।
रामपाल ने बताया कि उन्होंने प्लास्टिक वेस्ट का उपयोग कर गणित के साइन बोर्ड और गणितीय चिह्न तैयार करने का नवाचार किया। इस पहल से विद्यार्थियों के लिए गणित विषय को समझना और पढ़ना आसान हुआ। साथ ही प्लास्टिक कचरे के पुनः उपयोग से पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी विद्यार्थियों तक पहुंचा।
रामपाल ने अपने चयन का श्रेय जिला सिरमौर के उप शिक्षा निदेशक प्रारंभिक राजीव ठाकुर के मार्गदर्शन और प्रेरणा को दिया। उन्होंने कहा कि राजीव ठाकुर ने उन्हें हर कदम पर प्रोत्साहित किया। इसके अलावा शिक्षा खंड कार्यालय माजरा के अधीक्षक रमनदीप, क्लर्क पंकज शर्मा और क्लर्क योगेश कुमार ने प्रिंटिंग, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा ई-मेल के माध्यम से आवश्यक डाटा भेजने में महत्वपूर्ण सहयोग किया।
रामपाल ने कहा कि यह सम्मान केवल उनका व्यक्तिगत सम्मान नहीं, बल्कि शिक्षा के क्षेत्र में नए-नए नवाचार करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के प्रयासों का सम्मान है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिलने वाला यह पुरस्कार उन्हें भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित करेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

