शिमला में तहसीलदार से पटवारी तक 75 रिटायर कर्मियों की होगी दोबारा नियुक्ति
शिमला, 17 जनवरी (हि.स.)। जिला शिमला में लंबित राजस्व मामलों के निपटारे के लिए सेवानिवृत्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार, कानूनगो और पटवारियों को अस्थायी तौर पर दोबारा नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए उपायुक्त कार्यालय ने योग्य और इच्छुक रिटायर कर्मचारियों से आवेदन मांगे हैं। आवेदन पत्र 31 जनवरी 2026 तक उपायुक्त कार्यालय शिमला में जमा करना होगा।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने शनिवार को बताया कि जिले में तहसीलदार के तीन, नायब तहसीलदार का एक, कानूनगो का एक और पटवारी के 70 पद मेहनताना के आधार पर भरे जाएंगे। ये नियुक्तियां पूरी तरह अस्थायी होंगी और शुरुआत में तीन महीने के लिए की जाएंगी। जरूरत और प्रदर्शन के आधार पर इस अवधि को आगे बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि आवेदन करने वाले उम्मीदवार ने सेवानिवृत्ति से पहले राजस्व विभाग के किसी भी विंग में कम से कम पांच साल की सेवा की होनी चाहिए और उसके खिलाफ कोई विभागीय या अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित नहीं होनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग से प्रमाण पत्र लेना अनिवार्य होगा। साथ ही सरकारी अस्पताल से मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और मैट्रिकुलेशन प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ लगाना होगा। 31 जनवरी 2026 को आवेदक की आयु 65 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
उपायुक्त के अनुसार रिटायर तहसीलदार को 70 हजार रुपये, नायब तहसीलदार को 60 हजार रुपये, कानूनगो को 50 हजार रुपये और पटवारी को 40 हजार रुपये प्रतिमाह मेहनताना दिया जाएगा। यदि आवेदन पदों की संख्या से अधिक होते हैं, तो कम उम्र के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि दोबारा नियुक्त किए गए रिटायर कर्मचारियों की यह सेवा उनके पूर्व सेवाकाल के किसी भी लाभ में नहीं गिनी जाएगी। यह नियुक्ति कभी भी समाप्त की जा सकती है और नियमित अधिकारियों की उपलब्धता पर इसे खत्म किया जा सकता है। महीने में एक दिन की कैजुअल छुट्टी मिलेगी, जबकि अन्य किसी प्रकार की छुट्टी का प्रावधान नहीं होगा। बिना अनुमति ड्यूटी से अनुपस्थित रहने पर सेवा स्वतः समाप्त मानी जाएगी और उस अवधि का वेतन नहीं मिलेगा।
ड्यूटी के दौरान आधिकारिक दौरों पर जाने की स्थिति में इन्हें नियमित समकक्ष अधिकारियों के न्यूनतम वेतनमान के अनुसार टीए-डीए मिलेगा। रिटायर कर्मचारियों को रिटायर व्यक्ति के रूप में मिलने वाली मेडिकल सुविधाएं जारी रहेंगी। हर महीने वेतन का भुगतान प्रदर्शन और काम के प्रमाण पत्र के आधार पर होगा, जिसमें निपटाए गए मामलों का विवरण भी शामिल रहेगा। राजस्व मामलों का लंबित कार्य पूरा होने के बाद इन सेवाओं को समाप्त कर दिया जाएगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

