शिमला : रिवर्स करते समय खाई में गिरी कार, पिता-पुत्री की मौत

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शिमला : रिवर्स करते समय खाई में गिरी कार, पिता-पुत्री की मौत


शिमला : रिवर्स करते समय खाई में गिरी कार, पिता-पुत्री की मौत


शिमला, 30 जून (हि.स.)। शिमला जिले के नेरवा क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक परिवार की खुशियां उस समय मातम में बदल गईं, जब एक कार करीब 200 मीटर गहरी खाई में जा गिरी। हादसा बावी कैंची के पास सुबह करीब छह बजे हुआ। पुलिस के अनुसार खोकाह गांव निवासी लोकिंदर धनाइक अपनी पत्नी, बेटे और 12 वर्षीय बेटी टिया के साथ नेरवा आ रहे थे। परिवार के सदस्य रास्ते में वाहन मोड़ने की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान लोकिंदर धनाइक अपनी बेटी टिया के साथ कार में बैठे हुए ऊपरी मोड़ से वाहन को रिवर्स कर रहे थे, जबकि उनकी पत्नी और बेटा नीचे वाले मोड़ पर खड़े होकर इंतजार कर रहे थे। तभी अचानक वाहन अनियंत्रित हो गया और देखते ही देखते सड़क से नीचे गहरी खाई में जा गिरा। हादसा इतना भयावह था कि लोकिंदर धनाइक (42) और उनकी बेटी टिया (12) की मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार खोकाह गांव निवासी 19 वर्षीय पृथुल धनाइक उस समय बावी कैंची में बस का इंतजार कर रहा था। उसने अपने बयान में बताया कि उसने कार को रिवर्स करते हुए नियंत्रण खोते और खाई में गिरते देखा। शिकायत के आधार पर नेरवा थाना में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 और 106(1) के तहत दर्ज किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वाहन को पीछे करते समय चालक का नियंत्रण छूट गया। इस कारण यह दुर्घटना हुई। मामले की जांच उपनिरीक्षक नेतार सिंह कर रहे हैं।

हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। राहत एवं बचाव दल ने खाई में उतरकर स्थिति का जायजा लिया। हालांकि दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि पिता और बेटी को बचाने का कोई अवसर नहीं मिल पाया। शिमला के एसएसपी गौरव सिंह ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस ने दुर्घटना के संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

हिमाचल में लगातार बढ़ रही सड़क हादसों की चिंता

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब प्रदेश में लगातार सड़क दुर्घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं। इससे पहले शुक्रवार शाम शिमला जिले के रामपुर उपमंडल में एक पिकअप वाहन के खाई में गिरने से मां-बेटे समेत छह लोगों की मौत हो गई थी। वहीं बीते शनिवार और रविवार को चंबा जिले में हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में आठ लोगों ने जान गंवाई थी।

हिमाचल प्रदेश में हर वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में एक हजार से अधिक लोगों की मौत होती है। पुलिस और परिवहन विभाग के आंकड़ों में अधिकांश मामलों में मानवीय भूल, तेज रफ्तार, लापरवाही और वाहन पर नियंत्रण खोना दुर्घटनाओं की प्रमुख वजह के रूप में सामने आता है।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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