मंडी के द्रंग क्षेत्र में एचआरटीसी की बस ढांक से लुढ़की, उड़ गए परखच्चे, कोई यात्री न होने से टला बड़ा हादसा

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मंडी के द्रंग क्षेत्र में एचआरटीसी की बस ढांक से लुढ़की, उड़ गए परखच्चे, कोई यात्री न होने से टला बड़ा हादसा


मंडी, 01 अप्रैल (हि.स.)। मंडी जिले के द्रंग विधानसभा क्षेत्र के पधर उपमंडल में बुधवार सुबह हिमाचल पथ परिवहन निगम की एक बस सड़क से फिसल कर 125 मीटर गहरी ढांक में जा पहुंची। उसके परखच्चे उड़ गए, गनीमत यह रही कि उस समय बस में चालक ही मौजूद था जिसने समय रहते छलांग लगाकर अपनी जान बचा ली।

जोगेंद्रनगर-कुन्नू वाया भड़वाहण, कुफरी, निहौण, खील, बटाहर रूट पर चलने वाली हिमाचल पथ परिवहन निगम के जोगेंद्रनगर डिपो की यह बस बुधवार सुबह बटाहर गांव के समीप दुर्घटनाग्रस्त हुई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार सुबह करीब 6.20 बजे बस बटाहर बस स्टॉप पर खड़ी थी। चालक गोपाल सिंह ने बस को स्टार्ट किया और करीब 10 मिनट बाद जब बस को मोड़ने की कोशिश की, तभी अचानक ब्रेक ने काम करना बंद कर दिया। इससे बस अनियंत्रित होकर सड़क से बाहर निकल गई और गहरी खाई में लुढ़क गई। हादसे के दौरान चालक ने सूझबूझ का परिचय देते हुए बस से छलांग लगाकर अपनी जान बचाई। उस समय परिचालक भी बस के बाहर ही मौजूद था। दुर्घटना इतनी भयावह थी कि बस के कई हिस्से अलग-अलग दिशा में बिखर गए। बस की स्टपनी खुलकर करीब 500 मीटर नीचे जा पहुंची।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और प्रशासन को अवगत कराया गया। पधर पुलिस थाना में मामले की रपट दर्ज की गई है। पुलिस भी तकनीकी और मानवीय पहलुओं को ध्यान में रखते हुए पूरे घटनाक्रम की छानबीन कर रही है।

उधर, एचआरटीसी के मंडलीय प्रबंधक पंकज चड्ढा, क्षेत्रीय प्रबंधक बैजनाथ सुशांत धीमान सहित अन्य तकनीकी दल भी घटनास्थल पर पहुंचे और विस्तृत निरीक्षण किया। अधिकारियों ने तकनीकी दृष्टि से पूरी रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसमें ब्रेक फेल होने सहित अन्य संभावित कारणों का विश्लेषण किया जा रहा है।

फिलहाल, इस हादसे में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है, लेकिन बस के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने से निगम को भारी नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि यह हादसा यात्रियों के सवार होने के बाद होता, तो बड़ा नुक्सान हो सकता था। कुफरी पंचायत के निवर्तमान उपप्रधान ओम प्रकाश ठाकुर, भड़वाहण पंचायत प्रधान जितेंद्र कुमार, उपप्रधान दर्शन कटारिया सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि बटाहर से आगे को बस सवारियों से खचाखच भरी होती है। लेकिन घटना बस स्टॉपेज में होने से बड़ा हादसा टल गया।

उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के रूटों पर खटारा बसें भेजी जाती हैं जो इससे पहले कई बार चलते चलते खड़ी हो चुकी हैं। ऐसे में यात्रियों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

प्रदेश भर में हिमाचल पथ परिवहन निगम की बसों की जर्जर हालत अब गंभीर चिंता का विषय बनती जा रही है। आए दिन अलग-अलग क्षेत्रों से बसों के बीच रास्ते में खराब होकर खड़े हो जाने के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। तकनीकी सूत्रों के अनुसार बटाहर में दुर्घटनाग्रस्त हुई बस 7 लाख किलोमीटर से अधिक चल चुकी थी। हैरानी की बात यह है कि निगम के बेड़े में कई बसें ऐसी भी हैं जो 15 लाख किलोमीटर से अधिक का सफर तय कर चुकी हैं और आज भी सड़कों पर दौड़ रही हैं।

ऐसे में पुराने और अत्याधिक चल चुकी बसों के संचालन को लेकर सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। बावजूद इसके स्थिति में अपेक्षित सुधार नजर नहीं आ रहा, जिससे भविष्य में बड़े हादसों की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

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