हिमाचल में बढ़ रहा अपराध, छात्राओं की सुरक्षा हो सुनिश्चित : एबीवीपी
शिमला, 23 अप्रैल (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश में आपराधिक घटनाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने गहरी चिंता जताई है। संगठन की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने गुरूवार को कहा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति चिंताजनक होती जा रही है और इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा पर पड़ रहा है।
उन्होंने हाल ही में मंडी जिले के सरकाघाट में हुई एक गंभीर घटना और शिमला में 10वीं कक्षा की एक छात्रा पर हुए हमले का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती हैं। शिमला में घायल छात्रा का अस्पताल में इलाज चल रहा है और पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे उन्होंने सकारात्मक कदम बताया, लेकिन साथ ही कहा कि ऐसी घटनाओं का होना ही बड़ी चिंता का विषय है।
नैंसी अटल के अनुसार राज्य सरकार अपराधों को रोकने में प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है, जिसके कारण अपराधियों के हौसले बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में बेटियां और छात्राएं खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं, जो एक गंभीर सामाजिक संकेत है।
एबीवीपी ने इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष जांच की मांग की है। संगठन का कहना है कि ऐसे मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी सजा दी जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।
संगठन ने राज्य सरकार से यह भी मांग की है कि महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और सार्वजनिक स्थानों के आसपास सुरक्षा बढ़ाने, सीसीटीवी निगरानी मजबूत करने और महिला सुरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाने की बात कही गई है।
नैंसी अटल ने कहा कि नागरिकों, खासकर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो विद्यार्थी परिषद इस मुद्दे को लेकर प्रदेशभर में अभियान चलाएगी और सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग करेगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

