सेवा, संस्कार और सहृदयता का अनूठा संगम: वृद्धाश्रम में बिताए अनमोल पल
मंडी, 03 अक्टूबर (हि.स.)। डीएवी सेंटेनरी पब्लिक स्कूल मंडी के आर्य युवा समाज के लगभग 50 विद्यार्थियों ने वृद्धाश्रम के वृद्धजनों के साथ अनमोल पल बिताए। प्रधानाचार्य के.एस. गुलेरिया और अन्य शिक्षकों के मार्गदर्शन में द सुकेत सीनियर सिटीजन होम देहरी, सुंदरनगर का एक अत्यंत प्रेरणादायक त दौरा किया। जिसका मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में मानवीय मूल्यों और बुजुर्गों के प्रति आदर भाव को जागृत करना था।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यार्थियों और आश्रम के वृद्धजनों द्वारा संयुक्त रूप से किए गए पवित्र वैदिक हवन के साथ हुआ। जिसके मंत्रोच्चार से पूरा परिसर सकारात्मक और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत हो गया। हवन के पश्चात विद्यार्थियों ने पूरे आश्रम का सूक्ष्मता से भ्रमण किया और वृद्धजनों के पास बैठकर उनके जीवन के खट्टे-मीठे अनुभवों, उनके वृद्धाश्रम तक के सफर और प्रेरणादायक संघर्षों के बारे में लंबी व आत्मीय बातचीत की। जिसे सुनकर बच्चों ने जीवन के बड़े सबक सीखे। इस मिलन समारोह को और अधिक जीवंत बनाते हुए डीएवी के विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक मधुर भजनों की प्रस्तुतियां दी। खास बात यह रही कि उत्साह से भरे वृद्धजनों ने भी पीछे न रहते हुए बच्चों के सामने सुंदर गीत और मनमोहक नृत्य प्रस्तुत कर पूरे सभागार का माहौल बेहद खुशनुमा और यादगार बना दिया। समाज के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी को निभाते हुए स्कूल प्रशासन की ओर से आश्रम के सभी वृद्धजनों को ठंड के मौसम को ध्यान में रखते हुए एक-एक गर्म रजाई भेंट की गई। जिसे पाकर बुजुर्गों के चेहरे खुशी और अपनेपन से खिल उठे।
इस दौरान आश्रम के अध्यक्ष डॉ. पदम सिंह गुलेरिया ने कहा कि बच्चों का इस तरह आश्रम में आना और बुजुर्गों के साथ परिवार की तरह घुल-मिल जाना उनके चेहरों पर अमूल्य मुस्कान ले आया है, जो नई पीढ़ी में संस्कारों के सिंचन का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके लिए उन्होंने प्रधानाचार्य व स्कूल प्रबंधन का हृदय से आभार व्यक्त किया। वहीं, प्रधानाचार्य के.एस. गुलेरिया ने कहा कि संस्कार केवल किताबी ज्ञान से नहीं बल्कि समाज के बीच जाकर वास्तविक जीवन के अनुभवों को आत्मसात करने से आते हैं ।
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हिन्दुस्थान समाचार / मुरारी शर्मा

