पहली जनवरी 2026 तक बनेंगे हिम बस कार्ड, अब तक 17 हजार लोगों ने बनवाए कार्ड

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शिमला, 03 दिसंबर (हि.स.)। प्रदेश सरकार ने राज्य पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) की बसों में रियायती पास पर यात्रा करने वाले लोगों के लिए हिम बस कार्ड बनाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बुधवार को विधानसभा में कहा कि पहली जनवरी 2026 तक हिम बस कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि रियायतों का लाभ जरूरतमंदों को सुव्यवस्थित तरीके से मिल सके और किसी भी तरह के दुरुपयोग पर रोक लग सके।

इस दौरान उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने सदन को बताया कि अब तक 17 हजार लोग हिम बस कार्ड बनवा चुके हैं, जबकि मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि 3000 दिव्यांग लोग भी हिम बस कार्ड बनवा चुके हैं, जिन्हें इस कार्ड का लाभ पांच साल तक मिलेगा और बाद में इसे नवीनीकृत करवाना होगा। उन्होंने कहा कि हिम बस कार्ड बनने का शुल्क 236 रुपये निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री ने विधायक डीएस ठाकुर के सवाल पर दखल देते हुए बताया कि हिम बस कार्ड को हिम परिवार डाटाबेस से जोड़ा गया है, ताकि इस सुविधा का लाभ केवल हिमाचल के पात्र लोगों को ही मिल सके। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की महिलाएं भी हिमाचल में रियायती किराए पर यात्रा कर रही थीं, जिससे सरकार को नुकसान हो रहा था। हिम बस कार्ड लागू होने से इस तरह के दुरुपयोग को रोका जा सकेगा।

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने बताया कि इस कार्ड को लागू करने का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों और कॉलेज विद्यार्थियों द्वारा पास की गलत तरीके से होने वाली उपयोगिता को रोकना है। कई छात्र अपने रूट की बजाय अन्य मार्गों पर भी पास का प्रयोग कर रहे थे, जिससे एचआरटीसी को भारी घाटा झेलना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि पहले हिम बस कार्ड सिर्फ बस अड्डों पर ही बनाए जाते थे, लेकिन अब लोकमित्र केंद्रों में भी बनाए जा सकेंगे, जिससे लोगों को और अधिक सुविधा मिलेगी।

उन्होंने बताया कि 28 श्रेणियों के लोग रियायत के पात्र हैं और हिम बस कार्ड बनने के बाद रियायत का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल रूप में उपलब्ध रहेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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