हरिपुरधार बस हादसा: बस मालिक के बच्चे भी थे सवार, नाहन अस्पताल में घायलों ने सुनाई आंखों देखी

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नाहन, 10 जनवरी (हि.स.)। सिरमौर जिले के हरिपुरधार में कल पेश आए दर्दनाक बस हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है, जिसमें 14 लोगों की मौत हो गई जबकि 61 यात्री घायल हुए हैं और इस हादसे का एक मार्मिक पहलू यह भी सामने आया है कि दुर्घटनाग्रस्त बस में बस मालिक प्रताप सिंह के बच्चे और अन्य परिजन भी सवार थे, जो इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए हैं। प्रशासन ने इस भीषण हादसे को गंभीरता से लेते हुए इसकी न्यायिक जांच करवाने का निर्णय लिया है और जांच रिपोर्ट 15 दिनों के भीतर सौंपने के निर्देश जारी किए गए हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि हादसा किन कारणों से हुआ और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने जरूरी हैं।

उधर राहत की बात यह है कि हादसे में घायल सभी लोग अब खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं। नाहन स्थित डॉ. वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती 20 घायलों में से तीन को स्वास्थ्य में सुधार के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया है, जबकि शेष घायलों का इलाज सामान्य रूप से चल रहा है। हादसे में बस चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस परिचालक सुरक्षित है। नाहन अस्पताल में भर्ती घायलों ने इस हादसे की आंखों देखी बताते हुए कहा कि यह दिन उनके जीवन का सबसे काला दिन बन गया है, क्योंकि बस के खाई में गिरने से पहले उन्हें किसी के भी बचने की उम्मीद नजर नहीं आ रही थी।

घायलों के अनुसार सर्द मौसम के कारण सड़क पर पाला जम गया था, जिससे बस स्किट हो गई और ब्रेक काम न करने के कारण चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस गहरी खाई में जा गिरी। यात्रियों ने यह भी आरोप लगाया कि बस में क्षमता से अधिक सवारियां थीं और हादसे के बाद बस पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों ने खराब सड़कों, पैराफिट और बैरिकेटिंग के अभाव को भी हादसे का बड़ा कारण बताया और कहा कि इसी वजह से पहाड़ी क्षेत्रों में ऐसे दर्दनाक सड़क हादसे बार-बार सामने आ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी है, हादसे के बाद न तो पर्याप्त डॉक्टर उपलब्ध थे और न ही जरूरी चिकित्सा संसाधन, जिससे घायलों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा और हरिपुरधार से नाहन अस्पताल पहुंचने में चार से पांच घंटे तक का समय लग गया।

घायलों ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस हादसे से सबक लेते हुए सड़कों की हालत सुधारी जाए, पैराफिट लगाए जाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाएं मजबूत की जाएं। वहीं हादसे में घायल करीब पांच वर्षीय आनाया ने बताया कि वह अपने भाई-बहन और मां के साथ जिला शिमला से माघी का त्योहार मनाने के लिए हरिपुरधार आ रही थी, तभी अचानक बस अनियंत्रित हो गई और ब्रेक न लगने के कारण खाई में गिर गई, जिसमें उसे भी चोटें आई हैं।

नाहन मेडिकल कॉलेज के एमएस डॉक्टर नवीन ने बताया कि हरिपुरधार बस हादसे के 20 घायलों को नाहन अस्पताल लाया गया था, जिनमें से तीन को छुट्टी दे दी गई है और बाकी सभी घायलों का इलाज जारी है तथा सभी अब खतरे से बाहर हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

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