सिरमौर के संगड़ाह में अवैध और अवैज्ञानिक खनन के खिलाफ लोग लामबंद, वसुंधरा संरक्षण समिति ने खोला मोर्चा
नाहन, 23 अगस्त (हि.स.)। पर्यावरणविद किंकरी देवी के क्षेत्र संगड़ाह में खनन माफिया द्वारा चलाई जा रही अवैज्ञानिक और अवैध खदानों के खिलाफ लोगों ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार 23 अगस्त को लोक निर्माण विभाग विश्राम गृह संगड़ाह में वसुंधरा संरक्षण समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें संगड़ाह क्षेत्र की विभिन्न पंचायतों के लोगों और भूतपूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
बैठक में लोगों ने गहरा आक्रोश जाहिर किया। ग्रामीणों ने कहा कि पिछले 48 वर्षों से ये खदानें चल रही हैं, लेकिन इनके तौर-तरीके पूरी तरह अवैज्ञानिक और अवैध हैं। खदानें पर्यावरण को गहरा आघात पहुंचा रही हैं। संगड़ाह के सामने का हरा-भरा जंगल तबाह हो रहा है। पशुओं के लिए चारा नहीं मिल रहा, पानी के स्रोत सूख चुके हैं। खदानों में भारी ब्लास्टिंग की जा रही है और 100 फीट गहरे गड्ढे बनाकर पहाड़ों को खोखला किया जा रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खदानों से निकलने वाले सिल्ट से बोरली, रेडली, लग्नू, पाउरा, संगड़ाह और सियूँ गांव के दर्जनों लोगों की सैकड़ों बीघा सिंचित भूमि तबाह हो चुकी है। हर बारिश में संगड़ाह-नाहन रोड बंद हो जाता है और दर्जनों गाड़ियां मलबे से क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन मौन है। क्षेत्र के दर्जनों लोग इन खदानों की बलि चढ़ चुके हैं, लेकिन खनन माफिया उनकी सुरक्षा के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा।
अवैध खदानों से गिरने वाले मलबे और ट्रकों की ओवरलोडिंग से सड़क हादसे भी बढ़ रहे हैं। लोगों ने एक स्वर में कहा कि हम क्षेत्र और पर्यावरण की बर्बादी नहीं होने देंगे। इसके खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाया जाएगा, सड़कों पर उतरकर विरोध किया जाएगा और जरूरत पड़ी तो नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में भी जाएंगे।
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हिन्दुस्थान समाचार / जितेंद्र ठाकुर

