शिमला में अब नजर नहीं आएगा तारों का जाल, जमीन के नीचे उतर रहा पूरा नेटवर्क

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शिमला में अब नजर नहीं आएगा तारों का जाल, जमीन के नीचे उतर रहा पूरा नेटवर्क


शिमला, 26 जुलाई (हि.स.)। कुछ समय बाद खूबसूरत हिल स्टेशनल शिमला के मालरोड, लोअर बाजार और आसपास के इलाकों में नजर उठाने पर बिजली, इंटरनेट और अन्य केबल की तारों का उलझा जाल दिखाई नहीं देगा। शहर को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में चल रही 146 करोड़ रुपये की अंडरग्राउंड यूटिलिटी डक्ट परियोजना ने बड़ा पड़ाव पार कर लिया है। मुख्यमंत्री के सरकारी आवास ओकओवर से लोक भवन तक डक्ट निर्माण लगभग पूरा हो चुका है और इस हिस्से में अब बिजली, पानी तथा अन्य केबल बिछाने का काम शुरू कर दिया गया है। छोटा शिमला से चौड़ा मैदान के विली पार्क (सर्किट हाउस) तक चल रहे डक्ट निर्माण और खोदाई के काम को मॉल रोड से सटी लिफ्ट के पास बारिश और भूस्खलन के खतरे के कारण फिलहाल रोक दिया गया है। मौसम साफ होने के बाद आगे का निर्माण फिर शुरू होगा।

दो किलोमीटर डक्ट तैयार, बरसात थमने का इंतजार

परियोजना के तहत छोटा शिमला से विली पार्क तक बिजली, पानी, इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क की लाइनें भूमिगत की जा रही हैं। अभी तक छोटा शिमला से खेल परिसर तक करीब दो किलोमीटर डक्ट का निर्माण पूरा हो चुका है। चार्ली विला तक का काम पहले ही पूरा किया जा चुका था और अब खेल परिसर तक डक्ट निर्माण के साथ बिजली, टेलीफोन और पानी की लाइनें बिछाई जा रही हैं। तय कार्यक्रम के अनुसार 30 जुलाई तक छोटा शिमला से खेल परिसर तक खंभों पर लटके तारों को भूमिगत करने का लक्ष्य रखा गया है। स्ट्रीट लाइट के लिए नए आकर्षक पोल भी लगाए जाएंगे। लोक निर्माण विभाग डिवीजन-3 के अधिशासी अभियंता प्रवीण वर्मा और सहायक अभियंता हेमराज वर्मा ने बताया कि बारिश के मौसम में खोदाई से भूस्खलन का खतरा रहता है। इसी कारण खेल परिसर तक बचा हुआ डक्ट कार्य पूरा होने के बाद बाकी निर्माण फिलहाल रोक दिया गया है।

पर्यटकों को मिलेगा खुला नजारा, खंभों से भी मिलेगी राहत

मालरोड, सीटीओ चौक, एजी कार्यालय और विधानसभा होते हुए विली पार्क तक मल्टी यूटिलिटी डक्ट बनाई जा रही है। लोअर बाजार में भी बिजली, पानी, इंटरनेट और मोबाइल केबल के लिए अलग-अलग पाइप बिछाई जाएंगी। सभी सेवाओं के कनेक्शन इन्हीं डक्ट के जरिए दिए जाएंगे। परियोजना पूरी होने के बाद इन इलाकों से बिजली और संचार के खंभे हट जाएंगे और शहर का स्वरूप पहले से अधिक साफ और आकर्षक नजर आएगा। इसका सबसे बड़ा लाभ उन पर्यटकों को भी मिलेगा, जो हर साल शिमला की ऐतिहासिक इमारतों और मालरोड की खूबसूरती देखने पहुंचते हैं। खुले आसमान के बीच बिना लटके तारों वाला नजारा शहर की प्राकृतिक और विरासत वाली पहचान को और निखारेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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