शिमला : आपदा सुरक्षा के लिए 118 करोड़ रुपये की पांच योजनाएं प्रस्तावित

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शिमला : आपदा सुरक्षा के लिए 118 करोड़ रुपये की पांच योजनाएं प्रस्तावित


शिमला : आपदा सुरक्षा के लिए 118 करोड़ रुपये की पांच योजनाएं प्रस्तावित


शिमला, 10 अप्रैल (हि.स.)। शिमला जिले में आपदा से होने वाले नुकसान को कम करने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा मजबूत करने के लिए करीब 118 करोड़ रुपये के पांच प्रस्ताव तैयार किए गए हैं। इन प्रस्तावों को राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड के तहत मंजूरी के लिए राज्य सरकार को भेजा जाएगा। यह निर्णय शुक्रवार को उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित एक विशेष बैठक में लिया गया।

बैठक में जिले के अलग-अलग आपदा प्रभावित क्षेत्रों से जुड़े पांच महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें रामपुर के वार्ड नंबर-1 में कल्याणपुर नाले के चैनलाइजेशन के लिए लगभग 3 करोड़ 21 लाख 34 हजार रुपये की डीपीआर तैयार की गई है। इसके अलावा सुन्नी-शिमला मार्ग के सुदृढ़ीकरण के लिए 9 करोड़ 5 लाख रुपये का प्रस्ताव बनाया गया है। चौपाल के सैंज क्षेत्र में भूस्खलन से प्रभावित सड़क के जीर्णोद्धार के लिए 10 करोड़ 42 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है। वहीं चौपाल के खागना सड़क क्षेत्र में भूस्खलन प्रभावित हिस्से के सुधार के लिए 4 करोड़ 90 लाख रुपये की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही शिमला शहर के विभिन्न आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 90 करोड़ रुपये की लागत से अलग-अलग सुरक्षा और सुधार कार्य करवाने का प्रस्ताव भी शामिल है।

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि इन सभी प्रस्तावों को राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड से मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और सुरक्षा से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दे रहा है। जिन स्थानों पर भविष्य में खतरे की आशंका बनी रहती है, वहां स्थायी समाधान के लिए भी योजनाएं तैयार की जा रही हैं, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने यह भी बताया कि राज्य आपदा न्यूनीकरण फंड का उद्देश्य प्राकृतिक और मानव जनित आपदाओं से होने वाले नुकसान को कम करना और पहले से तैयारी को मजबूत बनाना है। इस फंड के माध्यम से भूस्खलन रोकने के उपाय, जल निकासी व्यवस्था में सुधार, नदियों के किनारे सुरक्षा कार्य और सुरक्षित ढांचागत निर्माण जैसे काम किए जाते हैं। इसके साथ-साथ लोगों को जागरूक करने और आपदा के समय सही प्रतिक्रिया के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम और मॉक ड्रिल भी आयोजित किए जाते हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

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