वीरभद्र सिंह को उनकी जयंती पर किया याद, नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
शिमला, 23 जून (हि.स.)। हिमाचल प्रदेश के छह बार मुख्यमंत्री रहे स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की जयंती पर मंगलवार को प्रदेशभर में उन्हें याद किया गया। शिमला के रिज मैदान पर स्थापित उनकी प्रतिमा पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया, लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह, राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार, पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह सहित कई नेताओं, जनप्रतिनिधियों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुष्पांजलि अर्पित की।
इस मौके पर मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वीरभद्र सिंह कांग्रेस के बड़े नेता थे और उन्होंने छह बार हिमाचल प्रदेश का नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विकास में वीरभद्र सिंह का महत्वपूर्ण योगदान रहा है और उनकी सोच तथा कार्यशैली से प्रेरणा लेकर राज्य को आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनसेवा और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री से भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर बागवानों की चिंताओं पर भी सवाल पूछा गया। इस पर उन्होंने कहा कि सेब उत्पादकों और बागवानों की चिंताएं सरकार के संज्ञान में हैं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर पहले भी केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल के साथ चर्चा की जा चुकी है और भविष्य में भी केंद्र सरकार के समक्ष इस मुद्दे को उठाया जाएगा, ताकि प्रदेश के बागवानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जा सके।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने कहा कि वीरभद्र सिंह ने करीब 22 वर्षों तक प्रदेश का नेतृत्व किया और वे एक जनप्रिय तथा अनुभवी राजनेता थे। उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह द्वारा स्थापित राजनीतिक मूल्यों और जनहित की राजनीति की आज भी जरूरत है। उनके विचारों और नीतियों को लोगों तक पहुंचाने से न केवल समाज को दिशा मिलेगी, बल्कि राजनीतिक जीवन में भी सकारात्मक बदलाव आएगा।
वहीं, स्वर्गीय वीरभद्र सिंह की पत्नी और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि आज प्रदेश के हर कोने में लोग उन्हें याद कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि उनकी जयंती के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जिनमें अस्पतालों में मरीजों को फल वितरित करना भी शामिल है। प्रतिभा सिंह ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल सभी नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वीरभद्र सिंह की स्मृति को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब उनके बताए रास्ते पर चलते हुए जनसेवा का कार्य आगे बढ़ाया जाए।
बता दें कि हिमाचल प्रदेश की राजनीति में लंबे समय तक प्रभावशाली भूमिका निभाने वाले वीरभद्र सिंह को राज्य के विकास, जनकल्याण और जमीनी राजनीति के लिए याद किया जाता है। उनकी जयंती पर आयोजित कार्यक्रमों में उनके योगदान को स्मरण करते हुए नेताओं ने उन्हें प्रदेश की राजनीति का एक महत्वपूर्ण अध्याय बताया। वीरभद्र सिंह का जन्म 23 जून 1934 को हुआ था, जबकि 7 जुलाई 2021 को उनका निधन हो गया था। उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह वर्तमान में हिमाचल सरकार में लोकनिर्माण मंत्री हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

