राज्यपाल ने माधव सृष्टि परिसर में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का किया उद्घाटन

WhatsApp Channel Join Now
राज्यपाल ने माधव सृष्टि परिसर में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का किया उद्घाटन


सोलन, 02 अक्टूबर (हि.स.)। राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने शुक्रवार को सोलन जिले के गंकी सेर स्थित विद्या भारती हिमाचल द्वारा संचालित माधव सृष्टि बहुआयामी शिक्षण संस्थान में प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राज्यपाल ने हिमाचल शिक्षा समिति, विद्या भारती और इससे जुड़े सभी कार्यकर्ताओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर आयोजित यह कार्यक्रम सत्य, अहिंसा, स्वच्छता, आत्मनिर्भरता और अंतिम व्यक्ति तक सेवा के उनके आदर्शों को स्मरण करने का अवसर है। गांधी जी के लिए सेवा केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं थी, बल्कि यह उनके जीवन जीने का एक तरीका था।

राज्यपाल ने हिमाचल प्रदेश के साथ महात्मा गांधी के विशेष संबंध का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश में गांधी जी की यात्राओं से जुड़े महत्वपूर्ण ऐतिहासिक पहलुओं पर शोध और उनके दस्तावेजीकरण के लिए विनोद भारद्वाज के प्रयास सराहनीय हैं। उन्होंने ‘गांधी इन शिमला’ के लेखक विनोद भारद्वाज को हिमाचल के इतिहास के इस महत्वपूर्ण पक्ष के दस्तावेजीकरण में योगदान के लिए सम्मानित भी किया।

उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान और रोजगार तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि बच्चों में चरित्र, अनुशासन, आत्मविश्वास, राष्ट्रीय चेतना और सेवा भावना का विकास भी होना चाहिए। उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में हिमाचल शिक्षा समिति द्वारा विद्या भारती के मार्गदर्शन में 178 सरस्वती विद्या मंदिर संचालित किए जा रहे हैं, जो समाज की महत्वपूर्ण सेवा कर रहे हैं।

राज्यपाल ने माधव सृष्टि परिसर में शिक्षा, स्वास्थ्य, योग, गो-संरक्षण, औषधीय पौधों और कौशल विकास को एक साथ जोड़ने के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि माधव गौशाला देशी नस्लों के संरक्षण एवं संवर्धन में योगदान दे रही है। गो-आधारित उत्पाद आत्मनिर्भरता के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी सहायक हो सकते हैं।

माधव योग आश्रम का उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने कहा कि योग भारत की समृद्ध परंपरा का प्रतिनिधित्व करता है और स्वस्थ एवं संतुलित जीवनशैली को बढ़ावा देता है। उन्होंने योग भारती हिमाचल प्रदेश के संस्थापक श्रीनिवास मूर्ति के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आज की तनावपूर्ण जीवनशैली में योग, प्राणायाम और ध्यान का महत्व लगातार बढ़ रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / संदीप शर्मा

Share this story