जाइका परियोजना द्वितीय चरण में सभी 12 जिलों में की जाएगी क्रियान्वित : चंद्र कुमार

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जाइका परियोजना द्वितीय चरण में सभी 12 जिलों में की जाएगी क्रियान्वित : चंद्र कुमार


धर्मशाला, 24 फ़रवरी (हि.स.)। कृषि मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने कहा कि जाइका परियोजना द्वितीय चरण में हिमाचल प्रदेश के सभी 12 जिलों के 296 स्थलों पर क्रियान्वित की जाएगी। इसका लक्ष्य वर्तमान 55 हजार रूपये प्रति हेक्टेयर आय को बढ़ाकर ₹2.5 लाख प्रति हेक्टेयर तक पहुँचाना है ताकि हिमाचल के किसानों की आमदनी में बढ़ोतरी हो सके। मंगलवार को धर्मशाला के धौलाधार हाइट्स के सभागार में आयोजित जाइका सहायतित कृषि परियोजनाओं की प्रथम दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए कृषि मंत्री प्रोफेसर चंद्र कुमार ने कहा कि भौगोलिक, सामाजिक एवं जलवायु संबंधी अनेक चुनौतियों के बावजूद जाइका परियोजना ने सिंचाई प्रणालियों के निर्माण और सतत कृषि प्रणाली स्थापित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे किसानों की आय में वृद्धि संभव हुई है।

उन्होंने कहा कि परियोजना का द्वितीय चरण पोस्ट हार्वेस्ट मैनेजमेंट, फूड प्रोसेसिंग और मजबूत विपणन व्यवस्था पर विशेष ध्यान देगा। प्रथम चरण में जहाँ फसल विविधीकरण पर जोर था, वहीं अब द्वितीय चरण में कार्यक्षेत्र को और विस्तारित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में विकसित प्रशिक्षित मानव संसाधन एवं विशेषज्ञता का उपयोग अब द्वितीय चरण में समग्र कृषि विकास के लिए किया जाएगा। शिटाके मशरूम, मटर, टमाटर, हल्दी, लहसुन, ऑफ-सीजन सब्जियाँ एवं मसाले जैसे उच्च मूल्य वाली फसलों को उपयुक्त क्षेत्रों में प्रोत्साहित किया जा रहा है।

परियोजना के अंतर्गत आजीविका गतिविधियाँ, पोषण, खाद्य प्रसंस्करण एवं विपणन पर विशेष बल दिया जाएगा। उच्च-प्रौद्योगिकी कृषि, उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना, पॉलीहाउस एवं मृदाहीन खेती जैसी नई तकनीकें भी लाई गई हैं। मसाला पार्क एवं आलू प्रसंस्करण इकाई की स्थापना प्रदेश में की जा रही है।

इस अवसर पर उपमुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया ने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार के गत चार वर्षों में कृषि क्षेत्र में कई नई योजनाएं प्रारंभ की गई हैं और बजट में वृद्धि की गई है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।

हिन्दुस्थान समाचार / सतेंद्र धलारिया

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