केंद्र से हिमाचल को रिकॉर्ड सहायता, कांग्रेस फैला रही भ्रम : नेता प्रतिपक्ष
शिमला, 05 फ़रवरी (हि.स.)। नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि केंद्रीय बजट के आंकड़े बताते हैं कि देश की बजट व्यवस्था अब सब्सिडी आधारित मॉडल से निकलकर पूंजीगत निवेश और बुनियादी ढांचा निर्माण पर केंद्रित हो गई है। उन्होंने कांग्रेस पर बजट को लेकर भ्रम फैलाने का आरोप भी लगाया।
वीरवार को शिमला में जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्ष 2013-14 और 2026-27 के बजट की तुलना करने पर स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार ने विकास आधारित बजट मॉडल अपनाया है। उनके अनुसार 2013-14 में कुल पूंजीगत व्यय लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 12.2 लाख करोड़ रुपये हो गया है, यानी पांच गुना से अधिक वृद्धि। उन्होंने बताया कि रक्षा बजट 2.03 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 7.85 लाख करोड़ रुपये, कृषि मंत्रालय का बजट 27 हजार करोड़ से बढ़कर 1.32 लाख करोड़ रुपये तथा शिक्षा बजट करीब 65 हजार करोड़ से बढ़कर 1.39 लाख करोड़ रुपये हो गया है।
उन्होंने कहा कि रेलवे क्षेत्र में पूंजीगत व्यय 63 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर लगभग 2.93 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जबकि स्वास्थ्य बजट भी 37 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 92 हजार करोड़ रुपये हो गया है। सड़क और राष्ट्रीय राजमार्ग क्षेत्र में निवेश लगभग 35 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 2.7 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
जयराम ठाकुर के मुताबिक नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 76 गीगावॉट से बढ़कर 254 गीगावॉट हो गई है और देश का निर्यात भी लगभग 310 अरब डॉलर से बढ़कर 825 अरब डॉलर तक पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि महिला श्रम भागीदारी दर 23 प्रतिशत से बढ़कर 41 प्रतिशत से अधिक हो गई है और बहुआयामी गरीबी दर 55 प्रतिशत से घटकर लगभग 11 प्रतिशत रह गई है।
स्वास्थ्य क्षेत्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आयुष्मान भारत योजना के तहत 42 करोड़ से अधिक लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली है। उनके अनुसार पहले देश में सात एम्स थे, जबकि अब 23 एम्स स्वीकृत या स्थापित हो चुके हैं, जिनमें हिमाचल का बिलासपुर एम्स भी शामिल है।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार हिमाचल प्रदेश के बुनियादी ढांचे के विकास के लिए लगातार सहायता दे रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 में कर हस्तांतरण के तहत प्रदेश के लिए 13,949 करोड़ रुपये और अनुदान सहायता के रूप में 10,243 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा पूंजीगत व्यय के लिए विशेष सहायता योजना के तहत 2020-21 से 2025-26 तक हिमाचल को 8,309 करोड़ रुपये का ब्याज-मुक्त ऋण दिया गया है।
उन्होंने कहा कि उड़ान योजना के तहत प्रदेश में चार हवाई अड्डों और हेलीपोर्ट का संचालन शुरू हुआ है तथा 22 नए हवाई मार्ग शुरू किए गए हैं। मंडी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट को साइट क्लीयरेंस मिल चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण में 2,600 किलोमीटर से अधिक कार्य पूरा हुआ है और भारतमाला परियोजना के तहत करीब 9,964 करोड़ रुपये की लागत से नए कॉरिडोर स्वीकृत किए गए हैं। अटल टनल जैसी परियोजनाओं को उन्होंने केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण बताया।
पर्यटन और स्वास्थ्य ढांचे के संदर्भ में उन्होंने कहा कि स्वदेश दर्शन योजना के तहत हिमाचल के पर्यटन स्थलों के लिए 68 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए हैं। काला अंब ईएसआईसी अस्पताल, एम्स बिलासपुर का विस्तार, ड्रोन स्वास्थ्य सेवाएं तथा नालागढ़ में पीएलआई मेडिकल परियोजनाएं शुरू की गई हैं। चंबा, हमीरपुर और नाहन में मेडिकल कॉलेज भी स्वीकृत किए गए हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / उज्जवल शर्मा

